दिल्ली से सटे नोएडा में अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। यहां कर्ज नहीं लौटाने पर साहूकार ने नाबालिग बेटी के साथ ऐसा किया कि हंगामा हो गया। फेज-थ्री कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने समय से कर्ज नहीं लौटाया तो साहूकार उसकी नाबालिग बेटी को घर से जबरन उठाकर ले जाने लगा।
शोर-शराबा सुनकर जुटे आसपास के लोगों ने विरोध कर साहूकार से किशोरी को छुड़ाया। बाद में पीड़ित ने पुलिस को इसकी सूचना दी। आरोप है कि सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई न कर उस पर समझौते का दबाव बनाया।
मूलरूप से बिहार निवासी एक परिवार बहलोलपुर में किराये पर रहता है। परिवार का मुखिया सेक्टर-63 स्थित एक निजी कंपनी में काम करता है। परिवार को पैसों की जरूरत पड़ी तो उसने गांव के ही एक साहूकार से 50 हजार रुपये कर्ज लिए थे।
पैसे लेते वक्त दो माह में पूरा कर्ज चुकाने का वादा किया था। लेकिन पैसों की व्यवस्था न होने पर वह साहूकार को ब्याज के पैसे देता रहा लेकिन मूलधन नहीं लौटा पाया। कर्जदार ने रक्षा बंधन के बाद मूलधन लौटाने की बात कही थी।
त्यौहार बीत जाने पर जब वह पैसे नहीं लौटा पाया तो बुधवार शाम को साहूकर उसके घर पहुंच गया। पैसे नहीं मिलने से नाराज साहूकार ने गाली-गलौज करते हुए हंगामा किया। कर्जदार ने काफी मिन्नत कर थोड़ा और समय मांगा।
लेकिन साहूकार ने कोई बात नहीं सुनी और पीड़ित की नाबालिग बेटी का हाथ पकड़कर उसे अपने साथ ले जाने लगा। कहा कि जब रुपये लेकर आना, लड़की ले आना। साहूकार जैसे ही किशोरी के अपने साथ ले जाने पर घर में शोर मच गया।
तुरंत आसपास के लोग मौके पर जुट गए। भीड़ में से कुछ लोगों ने साहूकार का विरोध भी करना शुरू कर दिया। खुद को घिरता देखकर साहूकार किशोरी को छोड़कर वापस चला गया।
इस मामले के बाद पूरा परिवार सहम गया और परिजनों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। आरोप है कि सूचना के बाद मौके पर दो सिपाही पहुंचे। सिपाहियों ने परिवार को ही डराकर समझौते का दबाव बनाया।
डर के कारण पीड़ित परिवार चुप हो गया। उधर, इंस्पेक्टर अखिलेश त्रिपाठी का कहना है कि इस तरह की कोई घटना उनके संज्ञान में नहीं आई है। अगर परिजन इस तरह की शिकायत करेंगे तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।