उन्होंने कहा, ''अगर आप सोशल मीडिया पर कोई विचार प्रदर्शित करते हैं तो वह आपके विचार हो जाते हैं। कोई पोस्ट रीट्वीट कर दो और कहो कि मैं नहीं जानता, इनका यहां कोई अर्थ नहीं है। जवाबदेही आपकी है। समय से फर्क नहीं पड़ता, आपको सिर्फ रीट्वीट करना है और वह बिल्कुल नया हो जाता है। पुलिस की कार्रवाई उसपर निर्भर है जब मामला हमारे संज्ञान में आया।''
उन्होंने आगे कहा, ''कोई अगर कई मामलों में नामजद है तो उससे सभी मामलों में सवाल करना हमारा अधिकार है। न्यायपालिका का दखल हो चुका है, हिरासत मिल गई है, जमानत मंजूर नहीं हुई है, केस कहीं ना कहीं मजबूत जरूर है। इसे राजनीति से प्ररित बताना ठीक नहीं है। हम उसकी रिमांड बढ़ाने की मांग करेंगे।''