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राशिद ने बच्चे को दी जिंदगी की ईदी

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सहारनपुर के मोहम्मद राशिद ने ईद के पाक मौके पर अपने 14 माह के बेटे को ईदी के तौर पर नई जिंदगी की सौगात दी।
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सहारनपुर में कर्फ्यू और खराब हालात के चलते राशिद बच्चे को इलाज के लिए लेकर दिल्ली पहुंचे और सोमवार को अस्पताल में भर्ती कराया।

मंगलवार को ईद के दिन डॉक्टरों ने सफल इलाज कर बच्चे को नई जिंदगी दी। बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है। वह पेटेंट डक्ट्स ऑर्टेरियोसस (पीडीए) से पीड़ित था।

नस के सहारे दिल तक पहुंचाया वायर

जुबैर का इलाज करने वाले डॉ. विकास कोहली ने बताया कि बच्चे के पीडीए को बंद करने के लिए एंजियोप्लास्टी की तर्ज पर जांघ की नस के सहारे वायर को दिल तक पहुंचाया गया।

वायर के ऊपर एक कैथेटर लगाया गया, जिसे वायर के जरिए खुली जगह तक पहुंचाकर उसे बंद किया गया। डॉ. कोहली ने बताया कि पीडीए हृदय संबंधी बीमारी है, जो जन्म के तुरंत बाद शिशुओं पर असर करती है।

बीएलके सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल के चिल्ड्रेन हार्ट इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. विकास कोहली ने बताया कि 14 माह के जुबैर की हालत खराब थी और उसे फौरन इलाज की जरूरत थी।
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फेफड़े में भर गया था पानी

उन्होंने बताया कि उम्र के लिहाज से बच्चे का वजन 11 किलोग्राम होना चाहिए था, लेकिन वह महज सात किलोग्राम का था। ऐसे में सर्जरी की जगह दूसरे विकल्प पर काम किया गया।

डॉ. कोहली ने बताया कि पीडीए सभी बच्चों में होता है, लेकिन जन्म के कुछ दिनों के बाद यह रास्ता खुद ही बंद हो जाता है, लेकिन जुबैर के मामले में ऐसा नहीं था। पीडीए बंद नहीं होने की वजह से उसके फेफड़े में पानी भर गया और फेफड़े पर दबाव पड़ने लगा।

इससे बच्चे को बार-बार निमोनिया हो रहा था और इसी वजह से उसका वजन भी नहीं बढ़ पा रहा था। जब शिशु गर्भ में होता है तब पीडीए फेफड़े के लिए बायपास का काम करता है, लेकिन जन्म के कुछ दिनों के बाद बायपास खुद बंद हो जाता है, लेकिन जुबैर के मामले में ऐसा नहीं हुआ।
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