गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर चेकिंग के दौरान नगर कोतवाली पुलिस ने एक कार से चार एयरगन और 315 बोर की रायफल बरामद की है। एक युवक को गिरफ्तार किया है। 315 बोर की रायफल एके-47 की तरह दिख रही थी। सूचना पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। जांच के बाद पता चला की आरोपी ने पांचों हथियार को मोडिफाई करा रखा था।
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर सुबह से ही चौराहों पर चेकिंग अभियान चलाया गया। शुक्रवार शाम चौधरी मोड़ पर बजरिया चौकी इंचार्ज संजय कुमार सिंह व मॉडल टाउन चौकी इंचार्ज शिव भूषण दीक्षित चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान एक स्विफ्ट कार को रोकने का प्रयास किया, लेकिन युवक ने भागने की कोशिश की। जाम लगा होने के कारण कार रुक गई। तलाशी करने का प्रयास किया तो कार सवार युवक आनाकानी करने लगा।
पुलिस ने कार की डिग्गी खुलवाई तो उसे भी नहीं खोल रहा था। पुलिसकर्मियों ने डिग्गी खोली तो उसके अंदर चार एयरगन और एक एके-47 की तरह दिखने वाली रायफल थी। नगर कोतवाल जयकरण मौके पर पहुंचे और आरोपी से पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम ललित सिंघल पुत्र राम सिंघल निवासी पटेल नगर तृतीय थाना सिहानी गेट बताया। आरोपी ने बताया कि वह शादी मंडप में बाउंसर का काम करता है। बाउंसर को देने के लिए एयरगन मॉडिफाई कराई है। नगर कोतवाल ने बताया कि हथियार की नकल करके उसे असली में बदलने की धारा में आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
रायफल का था लाइसेंस
आरोपी ललित के पास 315 बोर की रायफल है और उसका लाइसेंस भी है। उसने रायफल को मॉडिफाई कराकर एके-47 की तरह बनवा लिया। जबकि इसके लिए कोई परमिशन भी नहीं ली गई। नियम के अनुसार कोई भी व्यक्ति हथियार व उसकी बनावट के साथ छेड़छाड़ नहीं कर सकता है।
कार पर लिखा अध्यक्ष और वीआईपी
लोगों पर रोब झाड़ने के लिए ललित ने अपनी कार पर वीआईपी लिखवा रखा है। अधिकतर पुलिसकर्मी वीआईपी व्यक्ति समझकर उसकी कार को रोकते नहीं थे।
एक सीओ के नाम पर पुलिसकर्मी को धमकाया
पुलिसकर्मियों ने आरोपी को जैसे ही रोकने का प्रयास किया तो ललित ने पुलिसकर्मियों को धमकाना शुरू कर दिया। कहा कि जानते नहीं हो। सीओ साहब का आदमी हूं। जिस सीओ का नाम लिया था, वह पहले गाजियाबाद में रह चुके हैं और अब दूसरे जिले में तैनात हैं।
मेरठ में कराई मॉडिफाई
आरोपी ने बताया कि मैरिज होम में चोरों को डराने के लिए फर्जी तरीके से एयरगन तैयार कराई थीं। क्योंकि होटल मालिक एयरगन की मांग करते थे। मेरठ में एक बंदूक की दुकान से पांच हथियारों को मॉडिफाई कराया था।
पांच से 15 हजार तक खर्च
एनसीआर में हथियारों को मॉडिफाई करने का धंधा खूब फलफूल रहा है। अवैध तरीके से एक हथियार को मॉडिफाई करने के नाम पर गन बेचने वाले कुछ दुकानदार पांच से 15 हजार रुपये तक लेते हैं।