रामलीला मैदान में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली होने जा रही है। इससे पहले शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (आप) में काफी हलचल दिखी। दिल्ली का ध्यान अपनी तरफ खींचने के लिए आप ने दनादन सवाल दागे।
पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का सवाल किया, जबकि मनीष सिसोदिया और आशीष खेतान ने दिल्ली से जुड़े दूसरे मुद्दों की बात की। सिसोदिया के मुताबिक, आप दिल्ली चुनाव को मुद्दों पर लाना चाहती है। खोखले वादों पर चुनाव नहीं लडे़ जाएंगे।
शुक्रवार सुबह अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया कि कल (शनिवार) मोदी जी रैली करेंगे। उन्होंने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने का वादा किया था। क्या वह दिल्ली को पूर्ण राज्य घोषित करेंगे या फिर भाजपा यू-टर्न लेगी। इसके बाद केजरीवाल ने दूसरे ट्वीट में सवाल किया कि भाजपा ने पिछले विधानसभा चुनाव में बिजली के दाम में तीस फीसदी कटौती की घोषणा की थी। क्या मोदी इस संबंध में घोषणा करेंगे।
दूसरी तरफ मीडिया से बात करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा कि पूर्ण राज्य के दर्जे से तीन चीजें जुड़ी हैं। कानून व्यवस्था, भूमि और मल्टीएजेंसी सिस्टम। प्रधानमंत्री क्या इसके बारे में बात रखेंगे। वहीं, आशीष खेतान ने बताया कि इसी साल जुलाई में भाजपा सांसद विजय गोयल के एक सवाल पर राज्य सभा में गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने जवाब दिया था कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने से जुड़ा कोई भी प्रस्ताव सरकार के पास लंबित नहीं है।
सिसोदिया ने कहा कि सात महीने में प्रधानमंत्री को पहली बार दिल्ली की याद आई है। इस बीच दिल्ली में महंगाई बढ़ी है। भ्रष्टाचार बढ़ा है।
दिल्ली ने सांप्रदायिक तनाव झेला है। अब रैली में प्रधानमंत्री क्या यह बताएंगे कि अवैध कॉलोनियों को नियमित करने की उनकी घोषणा किस तरह से पहले की कांग्रेस सरकार से अलग है। 1984 सभी सिख दंगा पीड़ितों को कब तक मुआवजा मिल सकेगा। एसआईटी का नोटिफिकेशन कब होगा। दिल्ली का मुख्यमंत्री कौन होगा। मुनक नहर में पानी कब आएगा। क्या प्रधानमंत्री इसका ब्लू प्रिंट रैली में पेश करेंगे।