आज मनाई जा रही दिवाली
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल कार्तिक माह की अमावस्या तिथि 31 अक्टूबर को दोपहर 3 बजकर 22 मिनट पर शुरू हो रही है वहीं समाप्ति अगले दिन यानी 1 नवंबर को सायं 5 बजकर 23 मिनट पर होगी। ज्योतिषियों के अनुसार, माता लक्ष्मी की पूजा प्रदोष खाल और निशिथ काल में की जाती है। क्योंकि इस मुहूर्त में माता लक्ष्मी भ्रमण करती है। ज्योतिषियों के अनुसार, माता लक्ष्मी की पूजा प्रदोष काल और निशीथ काल में करने का विधान होता है।
ऐसे में 31 अक्टूबर दिन गुरुवार के दिन पूरी रात्रि में अमावस्या तिथि के साथ प्रदोष काल और निशीथ मुहूर्त काल है। ऐसे में 31 अक्टूबर को दिवाली मनाना बहुत ही शुभ रहेगा। इस दिन पूरी रात्रि में अमावस्या तिथि के साथ प्रदोष व्रत और निशीथ मुहूर्त काल भी रहेगा। ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार, 31 अक्टूबर के दिन दिवाली और लक्ष्मी पूजन करना बहुत ही फलदायी साबित होगा।