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केजरीवाल को जेल में मिले न्यूनतम अधिकार भी छीन रही है मोदी सरकार : संजय सिंह

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- वकील के माध्यम से विधायकों को जनता की सेवा करने का संदेश भेजने पर जांच बैठाने का लगाया आरोप
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के नेता व राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जेल में मिले न्यूनतम अधिकार भी छीनना चाहती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने वकील के जरिये विधायकों को क्षेत्र में जाकर जनता की समस्याएं सुनने और समाधान करने का संदेश भेजा था। मोदी सरकार इस मामले की जांच करा रही है। साथ ही केजरीवाल को परिवार और वकील से मुलाकात बंद करने की धमकी दी जा रही है।
बुधवार को पार्टी मुख्यालय में संजय सिंह ने कहा कि केजरीवाल को मोदी सरकार जेल में हिटलरशाही की तरह रख रही है। वह तिहाड़ जेल को हिटलर के गैस चैंबर में तब्दील करना चाहती है। वह जेल में बड़े से बड़े खूंखार अपराधियों को अधिकार दे रही है, लेकिन केजरीवाल से अधिकार छीन रही हैं। दरअसल दो दिन पहले केजरीवाल ने अपने वकील से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अपने विधायकों के लिए संदेश भेजा था कि वह रोजाना अपने क्षेत्र में जाकर जनता की समस्याएं सुनें और उसका समाधान करें। मगर मोदी सरकार को उनका संदेश देना अच्छा नहीं लग रहा है और वह उनकी परिजनों से बात करानी बंद करने की तैयारी कर रही है।
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उन्होंने कहा कि क्या केजरीवाल जेल में रहकर अपने परिवार और बूढ़े मां-बाप का हाल चाल नहीं ले सकते? क्या वह यह जानकारी नहीं ले सकते कि उनका स्वास्थ्य ठीक है या नहीं? अगर वो अपने वकीलों से बात नहीं करेंगे तो अपना केस कैसे लड़ेंगे? आखिर मोदी सरकार केजरीवाल को किस जुर्म की सजा दे रही है? उन्होंने बताया कि जब जेल में कानूनन केजरीवाल की मुलाकात होने के समय आठ-दस पुलिसवाले चारों तरफ से उनको घेरकर खड़े रहते हैं। जबकि दुनिया भर में जेल का नियम है कि मुवक्किल व वकील की बातचीत को कोई नहीं सुन सकता।
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मुख्यमंत्री को भी मिलने का नहीं दिया अवसर
उन्होंने कहा कि एक राज्य के मुख्यमंत्री और एक सांसद ने जेल में केजरीवाल से मुलाकात करने के लिए समय मांगा था। जेल प्रशासन ने टोकन नंबर अलॉट कर दिया था। मगर बाद में उसे रद्द कर दिया गया। इससे साफ है कि जेल के अधिकारी मोदी सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं।
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