दिल्ली भाजपा के नए अध्यक्ष हर्षवर्धन इस पद नियुक्त होने के पहले भले ही हामी नहीं भर रहे थे, लेकिन इस कुर्सी को लेकर उनकी उत्सुकता देखते ही बनी।
जिम्मेदारी मिलने के साथ ही वे इस कुर्सी पर बैठने की परंपरा तक भूल गए। बिना देरी किए वे बृहस्पतिवार को प्रदेश कार्यालय धमके और बागडोर संभालने की कवायद में जुट गए।
प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन परंपरा का ख्याल रखे बगैर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विजय गोयल की अनुपस्थिति में ही उनकी कुर्सी पर बैठ गए।