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टोल प्लाजा: किसी को राहत, किसी को मुसीबत

Fri, 21 Feb 2014 10:28 AM IST
यशलोक सिंह/ अमर उजाला, गुड़गांव
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गुड़गांव दिल्ली बॉर्डर पर सरहौल टोल प्लाजा हटने से लोगों को राहत मिली है, लेकिन साइबर सिटी के उद्यमियों और कारोबारियों पर तिहरी मार पड़ने लगी है।
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मानेसर से दिल्ली रोज 25-30 हजार हेवी और छोटे कॉमर्शियल वाहन जाते हैं। इन्हें पर दोगुना खर्च करना पड़ेगा। गुड़गांव के उद्यमी इससे काफी परेशान हैं।

उन्होंने खेड़कीदौला टोल प्लाजा को बिलासपुर के पास शिफ्ट करने की मांग की है। उनका कहना है कि वहां जमीन खाली है। ऐसा न होने पर जाम की समस्या से छुटकारा नहीं मिलेगा।
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उद्यमियों पर बढ़ेगा खर्च

खेड़कीदौला टोल प्लाजा पर हेवी और मल्टीएक्सल वाहनों को 82 रुपये के बजाय अब 169 रुपये देने होंगे। दिल्ली की सीमा में घुसते ही उन्हें एमसीडी की चुंगी भी देनी पड़ेगी। यह खर्च अलग से बढ़ा है।

उद्यमियों का कहना है कि उद्योगों में चलने वाले वाहन रोज कम से कम चार चक्कर दिल्ली की ओर लगाते हैं।

उनका टोल का खर्च चार चक्कर में पहले के 320 रुपये से बढ़कर 676 रुपये हो जाएगा। एमसीडी की चुंगी को मिलाकर इसमें और वृद्धि हो जाएगी।
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व्यवसायी जा सकते हैं कोर्ट

सालभर में एक वाहन का हिसाब लगाएं तो टैक्स एक लाख 15 हजार 200 रुपये से बढ़कर दो लाख 43 हजार 360 रुपये हो जाएगा।

चुंगी की रकम जोड़ें तो रकम और ज्यादा होगी। एमसीडी छोटे कॉमर्शियल वाहनों से 45, कैंटर से 85, छह पहिया वाहन से 165, 10 पहिया वाहनों से 330 और 10 से ज्यादा पहिये वाले वाहनों से 820 रुपये वसूलती है।

गुड़गांव चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के महासचिव एसके आहूजा ने कहा कि खेड़कीदौला में दोगुने से अधिक टोल टैक्स की वसूली गलत है। इसके खिलाफ मुख्यमंत्री और भूतल परिवहन मंत्री से मुलाकात कर विरोध दर्ज कराया जाएगा।
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