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Delhi NCR News: गाजीपुर में 193 करोड़ का आधुनिक पोल्ट्री मार्केट दिसंबर में, फूल मंडी की भी सूरत बदलेगी

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नरेला अनाज मंडी में 11 करोड़ से बनेंगे दो स्टील शेड
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सरकार ने की मंडियों के इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार की परियोजनाओं की समीक्षा

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
गाजीपुर में 193 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा आधुनिक पोल्ट्री मार्केट अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। गाजीपुर में आधुनिक फूल मंडी विकसित की जाएगी, जबकि नरेला अनाज मंडी में करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से दो नए स्टील शेड बनाए जाएंगे। अगले डेढ़ साल में दिल्ली की इन प्रमुख कृषि मंडियों का इंफ्रास्ट्रक्चर बदल जाएगा। इन परियोजनाओं के साथ मंडियों में जलनिकासी और अन्य बुनियादी सुविधाओं को भी मजबूत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को राजधानी की कृषि मंडियों के पुनर्विकास और विभिन्न मंडियों में चल रही और प्रस्तावित विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में आईएफसी गाजीपुर में प्रस्तावित आधुनिक फूल मंडी परियोजना को सरकार ने अब बिना देरी के शुरू करने का फैसला किया है। करीब 10 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाली यह मंडी चरणबद्ध तरीके से तैयार की जाएगी। ये मंडी 2001 से प्रस्तावित है, डीडीए से जमीन भी ली गई है। गाजीपुर फल, सब्जी और फूल मंडी में बरसात के दौरान होने वाले जलभराव को खत्म करने के लिए 17 लाख रुपये की लागत से 200 मीटर लंबी बाईपास ड्रेनेज पाइपलाइन बिछाई जा रही है।
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नरेला अनाज मंडी में बढ़ेगा इंफ्रास्ट्रक्चर
नरेला अनाज मंडी में व्यापारियों की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए दो नए स्टील शेड बनाए जाएंगे। इस परियोजना पर करीब 11 करोड़ रुपये खर्च होंगे। नए शेड तैयार होने के बाद अनाज के भंडारण, लोडिंग-अनलोडिंग और कारोबार के लिए अतिरिक्त जगह उपलब्ध होगी। अधिकारियों के अनुसार परियोजना को जुलाई 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

193 करोड़ का पोल्ट्री मार्केट अंतिम चरण में
गाजीपुर में करीब 15 एकड़ क्षेत्र में बन रहा आधुनिक पोल्ट्री मार्केट राजधानी की सबसे बड़ी मंडी परियोजनाओं में शामिल है। वर्ष 2019 में शुरू हुई इस परियोजना की लागत 193.29 करोड़ रुपये है और निर्माण कार्य करीब 85 फीसदी पूरा हो चुका है। यहां 100 थोक व्यापारियों के लिए दुकानें और 120 प्रोसेसिंग यूनिट विकसित की जा रही हैं। परियोजना दिसंबर 2026 तक पूरी होने की उम्मीद है।
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इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए कारोबार बढ़ाने की तैयारी
सरकार का फोकस अब कृषि मंडियों को केवल खरीद-बिक्री का केंद्र नहीं, बल्कि आधुनिक कारोबारी और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने पर है। इसी रणनीति के तहत फूल मंडी, पोल्ट्री मार्केट, स्टील शेड, जलनिकासी और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि किसानों, व्यापारियों और उपभोक्ताओं को बेहतर मंडी व्यवस्था मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली की कृषि मंडियां किसानों, व्यापारियों और उपभोक्ताओं के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं, इसलिए इन मंडियों को समय की जरूरतों के अनुरूप विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है।
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