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Delhi NCR News: देश की विधानसभाओं के लिए बनेंगे आदर्श नियम, दिल्ली में अहम बैठक आज

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छह राज्यों के पीठासीन अधिकारी जुटेंगे, विधायी प्रक्रिया और सदन के कामकाज की साझा रूपरेखा पर होगी चर्चा
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उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में बैठक, प्रारूप रिपोर्ट और अनुशंसाओं पर होगा विचार

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
देश की विधानसभाओं में प्रक्रिया और कार्य-संचालन के नियमों में एकरूपता लाने की दिशा में मंगलवार को दिल्ली में अहम बैठक होगी। लोकसभा अध्यक्ष की ओर से गठित पीठासीन अधिकारियों की समिति प्रस्तावित आदर्श नियमों की प्रारूप रिपोर्ट और अनुशंसाओं पर विचार करेगी। बैठक में उत्तर प्रदेश, नगालैंड, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और दिल्ली के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

इसका उद्देश्य विधायी निकायों के कामकाज के लिए साझा रूपरेखा विकसित करना है, ताकि सदनों की कार्यवाही अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने की दिशा में आगे बढ़ा जा सके। देश की विभिन्न विधानसभाओं में प्रक्रिया और कार्य-संचालन के नियमों से जुड़े अनुभवों को साझा करने और बेहतर परंपराओं को अपनाने के उद्देश्य से यह पहल की जा रही है। समिति प्रस्तावित आदर्श नियमों की समीक्षा करेगी। चर्चा के दौरान उन बिंदुओं पर भी विचार किया जाएगा, जिन पर अतिरिक्त स्पष्टीकरण या बदलाव की जरूरत महसूस होती है। हालांकि, सभी विधानसभाओं की विशिष्ट जरूरतों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। प्रस्तावित नियमों को अंतिम रूप देते समय संस्थागत आवश्यकताओं और अलग-अलग परिस्थितियों का ध्यान रखा जाएगा।
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छह राज्यों के प्रतिनिधि करेंगे विचार-विमर्श
नई दिल्ली के ताज होटल में होने वाली बैठक की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना करेंगे। इसमें महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर, हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया और कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष गुरुपादगौड़ा संगनगौड़ा पाटिल समेत संबंधित विधानसभाओं के पीठासीन अधिकारी और प्रतिनिधि शामिल होंगे। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता समिति के सदस्य के रूप में स्वागत संबोधन देंगे।

रिपोर्ट पर सहमति के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
बैठक में प्रारूप रिपोर्ट को विचारार्थ और अंगीकरण के लिए समिति के सामने प्रस्तुत किए जाने की संभावना है। रिपोर्ट को अपनाने का निर्णय चर्चा और सदस्यों की सहमति पर निर्भर करेगा। इसके बाद प्रस्तावित नियमों को अंतिम रूप देने और अनुशंसाओं को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा। इसलिए बैठक के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि साझा नियमों की दिशा में समिति किन बिंदुओं पर सहमत हुई है और किन विषयों पर आगे विचार की जरूरत है।
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विधायी कामकाज की गुणवत्ता सुधारने का लक्ष्य
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के मुताबिक, यह बैठक विधायी संस्थाओं के बीच संवाद, समन्वय और प्रक्रियागत अनुभवों के आदान-प्रदान का अवसर है। प्रस्तावित आदर्श नियमों का उद्देश्य विधायी कार्यवाही को अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और कुशल बनाने में मदद करना है। बैठक के समापन के बाद समिति के सदस्य मीडिया से बातचीत कर विचार-विमर्श, अनुशंसाओं और आगे की प्रक्रिया की जानकारी साझा करेंगे।
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