सालाना शुल्क जमा नहीं करने के पर नगर निगम ने मोबाइल टावरों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पांच की सीलिंग के बाद अब 150 मोबाइल टावरों पर खतरा मंडरा रहा है।
शुल्क जमा नहीं करने पर इन पर भी सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। मोबाइल कंपनियों की मनमानी का खामियाजा आम जनता को नेटवर्क कमजोर होने के रूप में भुगतना पड़ सकता है।
जिन टावरों को सील किया गया है, उसकी वजह से इस समय भी शहर में लोगों को नेटवर्क कमजोर होने की दिक्कत आ रही है।
निगम के क्षेत्रीय एवं कर अधिकारी बलवीर पंवार ने बताया कि जिले भर में विभिन्न कंपनियों के 474 टावर लगे हुए हैं। इनमें से 239 टावरों को नोटिस जारी करके सालाना शुल्क जमा करने के लिए एक महीने का समय दिया गया है। इनमें से कुछ के संचालक पैसे लेकर आ रहे हैं।
करीब डेढ़ सौ टावरों के संचालक ज्यादा मनमानी कर रहे हैं, इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। शहर में टावर संचालकों से करीब 10 करोड़ रुपये वसूले जाने हैं। यह पैसा मिलेगा तो विकास में लगेगा, लेकिन कंपनियां मनमानी पर उतारू हैं।