रमजान का पाक महीना चल रहा है। इस दौरान रोजेदार खुदा की इबादत कर नेक राह पर चलने की दुआ कर रहे हैं। ये महीना रोजेदारों को झूठ, हिंसा, गलत काम से दूर रखता है और नेकी की राह पर चलने के लिए प्रेरित करता है।
रमजान को लेकर जिले के युवाओं में भी काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। युवाओं का कहना है कि ये महीना इंसानों के भूख-प्यास को समझने का महीना है।
ताकि बुरे-भले की समझ हो सके। यहीं नहीं, इस बार जिले में रहने वाले युवाओं के लिए मोबाइल ऐप काफी मददगार साबित हो रहा है। इसके जरिये वो कुरान को पढ़ने के साथ-साथ इफ्तार और सहरी के सही समय का पता भी लगा पा रहे हैं।
फतेह आलम कहते हैं, ''मैं अकेला रहता हूं। इसलिए सेहरी और इफ्तार के समय को लेकर थोड़ी कशमकश रहती है, लेकिन मोबाइल ऐप ने राह थोड़ी आसान कर दी है। उसके जरिये मैं आसानी से सेहरी और इफ्तार का टाइम टेबल देख लेता हूं।''
फलकजेव के मुताबिक झूठ बोलने, हिंसा, गलत काम करने से रोजा बचाता है। इससे इंसान के अंदर विनम्रता और कोमलता पैदा होती है। मैं पिछले कई सालों से रोजा रख रहा हूं, इससे बहुत सुकून मिलता है।