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डीटीसी बस पास सेंटर में नाबालिग छात्रों को बंधक बनाया, ये थी वजह

Sun, 12 Aug 2018 10:58 PM IST
अरुण कुमार , अमर उजाला, नई दिल्ली
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फाइल फोटो
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दिल्ली के आजादपुर डिपो स्थित बस पास सेंटर पर पास न बनाए जाने का विरोध करना छात्रों पर उस वक्त भारी पड़ गया, जब बस पास सेंटर कर्मियों ने छात्रों के साथ बदसलूकी की और दो छात्रों को पास सेंटर में बंधक बनाकर मारपीट भी की। 
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इस घटना का जब पीड़ित छात्रों ने मोबाइल से वीडियो बनाया तो उनका मोबाइल फोन भी छीनने की कोशिश की गई। इससे घबराये छात्रों ने 100 नंबर पर कॉल करके पुलिस को बुलाया और साथ ही 1098 पर कॉल करके चिल्ड्रन हेल्पलाइन पर कॉल करके मदद मांगी। 

इस बाबत मौके पर पहुंची पुलिस और चिल्ड्रन फाउंडेशन के अधिकारियों ने मामले को शांत कराया और बस पास सेंटर पर मौजूद कर्मचारियों ने छात्रों से माफी मांगी। 17 वर्षीय पीड़ित छात्र ने बताया कि वह रोहिणी सेक्टर-9 स्थित शहीद कैप्टन संजीव दहिया सर्वोदय विद्यालय में 12 कक्षा का छात्र है। 
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वह पिछले करीब एक सप्ताह से 12वीं और 11वीं कक्षा के दोस्तों के साथ वजीरपुर डीटीसी बस डिपो स्थित बस पास सेंटर पर बस पास बनवाने के लिए जा रहा था। 
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छात्र का आरोप है कि छह दिन तक पास सेंटर पर तैनात कर्मियों ने उन्हें तकनीकी खराबी के कारण बस पास न बनाए जाने की बात कहकर टरका दिया।      10 अगस्त को वजीरपुर बस पास सेंटर पर तैनात अधिकारी ने फिर से सिस्टम में तकनीकी खराबी की बात कहते हुए छात्रों से कहा कि बस पास फार्म को आजादपुर बस पास सेंटर के लिए वेरिफाई कर देते हैं। 

इसके बाद जब छात्र आजादपुर डिपो स्थित बस पास सेंटर पर पहुंचे तो वहां भी उनका बस पास बनाने से इनकार कर दिया गया।  इसके बाद जब छात्रों ने बस पास सेंटर की वीडियो बनानी शुरू की तो बस पास सेंटर पर तैनात एक कर्मियों ने छात्रों के साथ दुर्व्यवहार करना शुरू कर दिया। 

छात्रों का आरोप है कि पास सेंटर कर्मियों ने दो छात्रों को पकड़कर पास सेंटर में बंधक बना लिया और उनके फोन से वीडियो डिलीट करने की कोशिश की गई। इतना ही नहीं छात्रों ने जब इसका विरोध किया तो उनके साथ मारपीट भी की गई। 

करीब 20 मिनट तक बंधक बनाने के बाद पीड़ित छात्रों को छोड़ दिया गया।  इस संबंध में छात्रों ने परिवहन मंत्री के निजी सचिव को भी शिकायत दी है। इस संबंध में डीटीसी के अध्यक्ष मनोज कुमार से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका।  
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