उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त सागर सिंह कलसी ने बताया कि 22 अगस्त को पहाड़गंज स्थित उत्तर रेलवे के अस्पताल से सूचना मिली कि आरपीएफ की 6वीं बटालियन में तैनात एक जवान को एसआई अशोक ने अस्पताल में भर्ती कराया है। जिन्हें डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शरीर पर काफी चोट के निशान थे। जांच में पता चला कि मृत सिपाही शराब पीने के आदी थे और दुर्घटनावश उनकी मौत हुई है। लेकिन शरीर पर लगे चोट को देखकर पुलिस को शक हुआ और पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया।
31 अगस्त को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई। जिसमें मृतक के शरीर पर 19 चोटों का पता चला। रिपोर्ट में मुताबिक मृतक की पसलियां टूटी थीं। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि उसके शरीर पर सभी चोट ताजा थीं। साथ ही बताया गया है कि शरीर पर डंडे से हमला किए जाने से उसकी मौत हुई है। 4 सितंबर को सराय रोहिल्ला थाना पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया।
पुलिस को मृतक के नाबालिग बेटे के बयान पर शक हुआ। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। जिसमें उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि 22 अगस्त को उसके पिता को नशे की हालत में उनके साथी घर लेकर आए थे। घर पहुंचने पर नाबालिग के पूछताछ करने पर मृतक उससे गाली गलौज करने लगे। विवाद बढ़ने पर पिता ने उसे धक्का मार दिया। जिससे उसका सिर दीवार से टकरा गया। चोट लगने से गुस्साए नाबालिग ने बेलन से पिता पर ताबड़तोड़ हमला कर उन्हें बेसुध कर दिया। घायल होने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।