गुड़गांव में डीएलएफ फेज तीन की एक कोठी में काम करने वाली नाबालिग नौकरानी की बुधवार को संदिग्ध हालत में मौत हो गई।
इस घटना के बाद मृतका के परिजनों ने बृहस्पतिवार को स्थानीय लोगों के साथ मिलकर पथराव कर जमकर बवाल किया। मृतक के परिजन हत्या और दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुदकुशी की पुष्टि होने के बाद कोठी मालिक और पुलिस ने राहत की सांस ली।
भरतपुर राजस्थान की रहने वाली सबीना (17) पुत्री नबाब डीएलएफ फेज तीन की कोठी नंबर 15/19 में काम करती थी। कोठी में तीन अन्य नौकर भी काम करते हैं।
सबीना पिछले तीन साल से कोठी में बच्चों की देखभाल कर रही थी। उसका पिता दिल्ली में मजदूरी करता है। उसके पिता ने बताया कि बुधवार देर शाम उसे बेटी के कोठी में फांसी लगाने की सूचना मिली।
उसने बताया कि दो दिन पहले उसकी बेटी ने कोठी से काम छोड़ने के लिए कहा था। मृतक के परिजनों ने वहां रहने वालों पर हत्या और दुष्कर्म का शक जाहिर किया है। थाने में शिकायत देने के बाद भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया तो बृहस्पतिवार की दोपहर परिजनों ने पथराव कर हंगामा किया। पथराव से कई गाड़ियों के शीशे टूट गए।
एसीपी डीएलएफ दलबीर सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी बताया गया है। पुलिस ने बिसरा जांच के लिए मधुबन भेज दिया है। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर दीपक माथुर ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं हुई है। बिसरा रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों पर से पूरी तरह पर्दा उठ सकेगा।