सूर्य नगर स्थित एक स्कूल में चल रहे समर कैंप में साढ़े तीन वर्ष की बच्ची के साथ रेप किया गया। पैरेंट्स ने स्कूल के छात्रों पर ही शक जताते हुए अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
समर कैंप खत्म होने पर जब मां बेटी को घर लेकर आई तो घटना की जानकारी हुई। शुक्रवार रात को कौशांबी स्थित एक अस्पताल में पुलिस ने बच्ची का मेडिकल कराया, जिसमें रेप की पुष्टि हुई।
बच्ची रामप्रस्थ कालोनी की रहने वाली है। उसके पिता दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करते हैं। शुक्रवार को बच्ची को मां ने सूर्यनगर स्थित एक स्कूल में चल रहे समर कैंप में छोड़ा था। माता-पिता का आरोप है कि समर कैंप के दौरान किसी लड़के ने बच्ची के साथ रेप किया।
बच्ची के हाथ पर मिले नाखून के निशान
दोपहर करीब एक बजे मां बच्ची को लेने स्कूल पहुंची। बच्ची चुप थी और उसे बुखार भी था। घर पहुंचकर मां ने बच्ची से बातचीत की तो घटना का पता चला। बच्ची ने बताया कि एक लंबे लड़के ने उसका हाथ पकड़ा था और उसके बाद उसे एक जगह ले जाकर गंदी हरकत की।
बच्ची के हाथ पर नाखून के निशान भी मिले हैं। उसके कपड़ाें पर खून भी लगा हुआ था, जिसके बाद माता-पिता ने स्कूल स्टाफ और प्रिंसिपल से संपर्क किया और शिकायत की। स्कूल वालों ने मदद नहीं की तो पुलिस से शिकायत की गई।
पुलिस ने कौशांबी स्थित अस्पताल में बच्ची का मेडिकल कराया, जिसमें बच्ची के साथ रेप की पुष्टि हुई है। एसएचओ राशिद अली ने बताया कि अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
मामले की जांच की जा रही है। एसएचओ ने बताया कि स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की भी जांच की गई। लेकिन आरोपी का सुराग नहीं मिला।
चार वर्षों में मासूमों से रेप-छेड़छाड़ की 11 वारदातें
स्कूलों में मासूम सुरक्षित नहीं हैं। स्कूलों में बच्चों के साथ दुष्कर्म और छेड़छाड़ की वारदातें हो रही हैं। इस गंभीर समस्या पर न स्कूल प्रबंधन चिंतित हैं और न ही पुलिस-प्रशासन। हॉट सिटी में बीते चार वर्षों में बच्चों के साथ रेप और छेड़छाड़ की 11 वारदातें हुईं।
वर्ष 2012 में सबसे ज्यादा आठ वारदातें हुईं। 2013 में एक स्कूल में वारदात हुई और 2015 में स्कूलों में मासूमों से रेप की दो वारदातें सामने आई हैं। कुल 11 वारदातों में से छह वारदात स्कूलों में हुईं।
अभिभावकों के सामने समस्या ये है कि अगर उनकी संतान स्कूल में सुरक्षित नहीं है तो फिर कहीं भी नहीं है। उनका कहना है कि स्कूल में बच्चे सबसे ज्यादा वक्त तक उसने अलग रहता है, ऐसे में बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी स्कूलों की है।
कई स्कूल ऐसे भी है, जहां ड्राइवर, कंडक्टर और कर्मचारियों को बगैर वेरिफिकेशन के ही नौकरी पर रखा गया है। बीती वारदातों पर हर बार अभिभावकों ने विरोध किया और स्कूल में बेहतर सुरक्षा व्यवस्था की मांग रखी। स्कूलों ने आश्वासन भी दिया, लेकिन हालत जस के तस हैं।
स्कूलों में बच्चों से यौन शोषण की घटनाएं
24 फरवरी 2012- अर्थला में निजी कंपनी कर्मी की आठ वर्षीय बच्ची से रेप
14 अप्रैल 2012- शहीद नगर में छह साल की मासूम से बलात्कार
16 अप्रैल 2012- नीतिखंड में कूड़ा बीन रही चार साल की बच्ची से रेप की कोशिश
03 जुलाई, 2013 सेक्टर-2 स्थित स्कूल के दो शिक्षकों पर सातवीं की छात्रा से की छेड़छाड़ ।
13 जुलाई 2012- शहीद नगर में वृद्ध ने किया तीन वर्षीय बच्ची से रेप
07 अगस्त 2012- शालीमार गार्डन में सात वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म
07 सितंबर 2012: वसुंधरा सेक्टर-9 स्थित स्कूल में नर्सरी की छात्रा से बस ड्राइवर-कंडक्टर ने किया रेप
06 नवंबर 2012: इंदिरापुरम स्थित स्कूल में साढ़े तीन साल की छात्रा से केयरटेकर ने की वारदात
26 जुलाई 2013: वसुंधरा सेक्टर 3 स्थित निजी स्कूल में छात्र के साथ चालक ने छेड़छाड़ की थी।
02 फरवरी 2015: वैशाली सेक्टर-1 स्थित प्ले स्कूल में चार वर्षीय बच्ची से सफाई कर्मी ने किया रेप
30 मई 2015: सूर्य नगर स्थित स्कूल में चल रहे समर कैंप में मासूम बच्ची के साथ रेप।