रविवार रात पुन्हाना में अलकायदा के पकड़े गए आतंकवादी की वजह से एक बार फिर मेवात के लोग परेशान और हैरान हैं। इस बार आतंकी इस्लाम धर्म के प्रचार के नाम पर तबलीगी जमात की आड़ में मेवात आया।
संदिग्ध आतंकी अब्दुल समी जब तक अपने गलत मंसूबों में कामयाब होता, वह सुरक्षा एजेंसियों के शिकंजे में आ गया। भले ही पकड़ा गया संदिग्ध आतंकी झारखंड के जमशेदपुर इलाके का रहने वाला हो, लेकिन बदनाम मेवात को होना पड़ा है।
दिल्ली के नजदीक बार-बार मेवात में पकडे़ जा रहे संदिग्ध आतंकियों से मेवात अब सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर सबसे पहले होगा। पिछले करीब एक दशक में यहां पांच संदिग्ध आतंकी पकडे़ जा चुके हैं।
सवाल यह है कि आखिर इस इलाके को आतंकी संगठन क्यों सॉफ्ट टारगेट पर रखते हैं। जानकार बताते हैं कि इसकी कई वजहें हैं।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के करीब और मुस्लिम बहुल इलाका होने की वजह से मेवात पर आतंकी संगठनों की खासी नजर है। यहां 80 फीसदी आबादी मुस्लिम है, जिसका फायदा यह आतंकी संगठन उठाना चाहते हैं। आतंकी मुस्लिम लोगों में जेहाद के नाम पर बरगलाकर अपने मिशन के साथ जोड़ना चाहते हैं।
उनमें असंतोष की भावना भरना चाहते हैं। इस इलाके में गरीबी भी एक वजह है। वह पैसे का लालच देकर उनको अपने फरेब में फंसाना चाहते हैं। मेवात में खेतीबाड़ी के अलावा रोजगार का कोई साधन नहीं है। जिसका फायदा आंतकी संगठन उठाने की कोशिश कर रहे हैं।
मजीद, इब्राहीम और न्याज मोहम्मद का कहना है कि आतंकी संगठन भले ही मेवात में अपनी जड़ जमाने की कोशिश करें लेकिन यहां की जनता उनके मकसद को सफल नहीं होने देगी। लोग इस बात पर भी विश्वास नहीं कर पा रहे हैं कि तबलीगी जमात की आड़ में कोई आतंकी भी आ सकता है।
लश्कर का मेवात मॉडयूल : पाक नागरिक समेत पांच आतंकियों के खिलाफ आरोप तय
आतंकी साजिश के मामले में अदालत ने एक पाकिस्तानी समेत लश्कर के तीन सदस्यों पर मुकदमा चलाने का निर्देश दिया है। पुलिस का आरोप है कि ये आरोपी आतंकी साजिश की फंडिंग के लिए देश के कई बड़े कारोबारियों का अपहरण करने की योजना बना रहे थे और इनकी मंशा बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी पर आतंकी हमले को अंजाम देने की थी।
पटियाला हाउस स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रीतेश सिंह ने पाकिस्तानी नागरिक अरशद खान, मोहम्मद शाहिद, मोहम्मद राशिद, अब्दुल सुभान व उसके भतीजे अशाबुद्दीन के खिलाफ आपराधिक साजिश व अवैध गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) की धाराओं में आरोप तय करते हुए मुकदमा चलाने का निर्देश दिया है।