फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कल ठप हो सकती है मेट्रो सेवा, 9 हजार कर्मचारी जा सकते हैं हड़ताल पर, आज हो रही बैठक

Fri, 29 Jun 2018 04:51 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन

दिल्ली मेट्रो की स्टाफ काउंसिल की मांगें पूरी नहीं होने पर 30 जून को होने वाली मेट्रो कर्मियों की हड़ताल अभी टली नहीं है। मामले में केंद्र ने हस्तक्षेप कर बृहस्पतिवार को श्रम आयुक्त के समक्ष डीएमआरसी प्रबंधन और डीएमआरसी स्टाफ काउंसिल की बैठक बुलाई। लेकिन कोई हल नहीं निकल सका। अब आज यानि शुक्रवार को दोनों पक्षों की बैठक फिर बुलाई गई है। 

विज्ञापन


डीएमआरसी स्टाफ काउंसिल के सचिव रवि भारद्वाज ने बताया कि दिल्ली मेट्रो के नॉन एक्जीक्यूटिव 9 हजार कर्मचारी मांगों को लेकर पिछले साल से हड़ताल कर रहे हैं। प्रबंधन में मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था। लेकिन मांगें पूरी नहीं हुई।

विरोध में 30 जून को पूर्ण हड़ताल की घोषणा की थी। कर्मचारियों की मांगें है कि काउंसिल के बजाय डीएमआरसी यूनियन बनाने की अनुमति दी जाए, पे कमीशन के तहत पारिश्रमिक बढ़ाया जाए, एरियर दिया जाए, स्टाफ के ड्यूटी के घंटों के साथ आराम का टाइम भी सुनिश्चित किया जाए और स्टाफ की ट्रांसफर नीतियों को पारदर्शी बनाने समेत कई शामिल हैं।
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को बैठक में भी मांगों पर अमल नहीं किया गया। लिहाजा, स्टाफ काउंसिल हड़ताल नहीं टाल सकती है। शुक्रवार को बुलाई गई बैठक में अगर मांगों को लेकर उचित कदम नहीं उठाया गया तो मेट्रो के 9000 कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे।

जिसकी वजह से मेट्रो के संचालन से लेकर सभी ऑपरेशनल, मेंटेनेंस समेत अन्य गतिविधियां ठप हो जाएंगी। वहीं, इस बारे में डीएमआरसी प्रबंधन का कहना है कि काउंसिल की मांगों पर विचार विमर्श जारी है। जिन्हें जल्द ही पूरा करने की कोशिश की जा रही है।

विज्ञापन

ये है कारण

डीएमआरसी कर्मचारी यूनियन के महासचिव महावीर प्रसाद के अनुसार, लोग पिछले दस साल से एक ही पे ग्रेड में पड़े हैं, जबकि पहले हर पांच साल में प्रमोशन होता था। उन्होंने बताया कि प्रबंधन ने यह वादा किया था कि 13,500-25,520 ग्रेड का 14,000-26,950 ग्रेड के साथ विलय किया जाएगा, लेकिन यह नहीं हुआ।

यूनियन ने चेतावनी दी है कि अभी तक तो विरोध प्रदर्शन से सेवा में किसी तरह की बाधा नहीं है, लेकिन 29 जून तक मांगें पूरी नहीं हुईं तो 30 जून से पूरी तरह से कामकाज बंद हो जाएगा।

इसके पहले पिछले साल भी जुलाई में इसी तरह से मेट्रो कर्मचारियों ने हड़ताल की धमकी दी थी, लेकिन डीएमआरसी प्रबंधन ने लगातार कई बैठकें कर समझौता किया और दिल्ली-एनसीआर वासियो को संकट से बचा लिया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें