वेतन में बढ़ोत्तरी के साथ ही कई अन्य मांगों को लेकर हड़ताल पर अड़े नॉन एक्जीक्यूटिव मेट्रो कर्मचारियों और डीएमआरसी के बीच शनिवार को बातचीत बेनतीजा रही और ये बैठक रविवार को भी जारी रही।
रविवार को कर्मचारियों और डीएमआरसी प्रशासन के बीच चली बातचीत असल होने के बाद कोच्चि से मेट्रो मैन ई श्रीधरन को बुलाने का फैसला किया गया। रविवार दोपहर 12 बजे के करीब ई श्रीधरन दिल्ली पहुंच गए और फिलहाल उनके नेतृत्व में बातचीत जारी है।
मालूम हो कि विभिन्न मांगों को लेकर नॉन एक्जीक्यूटिव मेट्रो कर्मचारियों ने सोमवार को मेट्रो सेवाएं ठप्प करने की चेतावनी दी है। कई कोशिशों के बाद भी जब शनिवार दोपहर कर्मचारियों ने बात नहीं मानी तो डीएमआरसी का उच्च प्रबंधन हरकत में आया। खुद डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक मंगू सिंह ने विरोध कर रहे कर्मचारियों को चिट्ठी लिखकर बैठक के लिए बुलाया।
नहीं मानी मांग तो किया जाएगा चक्काजाम
शाम साढ़े चार बजे मेट्रो भवन में बैठक बुलाई गई थी लेकिन विरोध कर रहे स्टाफ काउंसिल के सदस्यों ने कहा कि वह अपने 25 से 30 लोगों के साथ ही एमडी के साथ बैठक करेंगे।
इसके लिए डीएमआरसी प्रबंधन पहले तो तैयार नहीं हुआ लेकिन विरोध को देखते हुए करीब 6:30 बजे स्टाफ काउंसिल की मांग को मानते हुए यह बैठक शुरू हुई।
बताया जा रहा है कि बैठक में डीएमआरसी प्रबंधन सभी मांगों को पूरा करने के लिए समय की मांग कर रहा है लेकिन वह स्टाफ काउंसिल के सदस्य उसके लिए तैयार नहीं है।
स्टाफ काउंसिल ने साफ कहा है कि अगर मांग नहीं मानी जाती है तो पहले से तय समय के अनुसार चक्काजाम किया जाएगा। बैठक शुरू होने के साथ ही विरोध में शामिल सैकड़ों कर्मचारी मेट्रो भवन पहुंच गए।
बड़ी संख्या में कर्मचारियों को देखते हुए डीएमआरसी प्रबंधन की मांग पर मेट्रो भवन के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई। देर शाम वहां धारा 144 लागू कर दी गई।
मेट्रो कर्मचारी रोजाना काली पट्टी बांधकर अलग-अलग स्टेशनों पर एकत्रित होकर अपना विरोध जता रहे हैं। मगर उसके साथ मेट्रो को सेवाएं भी दे रहे हैं। चालक अपने साथियों के हुई कार्रवाई के खिलाफ विरोध जता रहे हैं।
साथ ही 2015 में सैलरी बढ़ाने को लेकर स्टाफ काउंसिल में जो वादा किया था उसे पूरा करने की मांग कर रहे हैं। मेट्रो कर्मचारियों ने कहा कि कुल 9000 हजार कर्मचारी है जो कि इस विरोध प्रदर्शन से जुड़े हुए हैं।
विरोध कर रहे कर्मचारियों की मांग
विरोध कर रहे मेट्रो कर्मचारी गैर कार्यपालक (नॉन एक्जीक्यूटिव) वर्ग के हैं। उनकी मांग है कि डीएमआरसी प्रबंधन ने 29 मई 2015 को सैलरी को लेकर जो समझौता किया था उसे लागू किया जाए।
इसमें एक समान सैलरी देने की बात गही गई थी। इसके अलावा विरोध प्रदर्शन के बाद 12 साल की नौकरी के बाद टर्मिनेट किए गए विनोद शाह को वापस नौकरी पर रखा जाए।
रवि भारद्वाज पर डीएमआरसी की ओर से दाखिल चार्जशीट को वापस लिया जाए। अपना हक मांगने के लिए विरोध कर रहे कर्मचारियों के निगेटिव मार्किंग की गई है उसे भी वापस लिया जाए।
हर दिन मेट्रो के ट्रिप
मेट्रो लाइन रोजाना ट्रिप
रेड लाइन 550
ब्लू लाइन 750
ग्रीन लाइन 330
वायलेट लाइन 450
218 किलोमीटर मेट्रो का नेटवर्क परिचालन में है।
29 लाख लोग औसतन रोजाना सफर करते है।
9000 कर्मचारी, ऑपरेशन व मेंटेनेंस विरोध में शामिल।