दिल्लीवालों के लिए अच्छी खबर है। दिल्ली मेट्रो के नॉन एक्जक्यूटिव कर्मचारियों ने सोमवार को मेट्रो के चक्काजाम की घोषणा वापस ले ली है। बीते दो दिन की मैराथन बैठकों के बाद डीएमआरसी को कर्मचारियों के आगे झुकना पड़ा। डीएमआरसी ने कर्मियों की अहम मांगे मान ली हैं। हालांकि, अलग से कर्मचारी यूनियन बनाने की मांग से इंकार करते हुये डीएमआरसी ने मौजूदा स्टाफ काउंसिल की शक्तियां बढ़ाने की बात कही गयी है।
दिलचस्प यह कि कर्मचारियों और डीएमआरसी प्रबंधन के बीच उपजे इस विवाद को सुलझाने में डीएमआरसी के पूर्व प्रबंध निदेशक व वर्तमान में सलाहकार डॉ. ई.श्रीधरन को भी दखल देना पड़ा। बताया जा रहा है कि इसमें श्रीधरन की भूमिका अहम रही।
शनिवार देर रात विरोध कर रहे कर्मचारियों और डीएमआरसी के उच्च प्रबंधन के बीच बेनतीजा रही बातचीत का सिलसिला रविवार सुबह 9 बजे फिर शुरू हुई। बैठक करीब छह बजे तक चली। इसमें विरोध कर रहे कर्मचारियों के 25-30 लोगों के प्रतिनिमंडल के साथ डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक मंगू सिंह, ऑपरेशन, वित्तीय विभाग के निदेशक समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
ठक फिर उन्हीं मांगों के साथ शुरू हुई। जिसमें 2015 में बने पे स्केल को लागू करना, कार्रवाई किए गए कर्मचारियों को वापस लेना और कर्मचारी यूनियन की मांग बनाना। सुबह नौ बजे से शुरू हुई बैठक जारी थी उसी दौरान कोच्चि से डॉ. ई. श्रीधरन भी दिल्ली पहुंचे। वह दोपहर करीब 12 बजे बाराखंभा स्थित मेट्रो भवन गये। बैठक यहीं पर चल रही थी।
बताया जा रहा है कि वह सीधे बैठक कक्ष में न जाकर प्रबंध निदेशक मंगू सिंह के चैंबर में बैठे रहे। कर्मचारियों से बातचीत के बीच मंगू सिंह ने कई बार अपने चैंबर में जाकर ई. श्रीधरन से भी सलाह मशविरा किया। दोपहर बाद करीब पांच बजे कर्मचारियों की मांग डीएमआरसी प्रबंधन ने मान ली। सिर्फ अलग से यूनियन बनाने से डीएमआरसी ने मना कर दिया। उसके बदले स्टाफ काउंसिल को यूनियन के सभी पावर देने की बात कही है।
उधर, डीएमआरसी ने बयान जारी कर कहा है कि कर्मचारियों ने बातचीत के बाद हड़ताल वापस ले ली गई है। डीएमआरसी ने कर्मचारियों की सभी मांगों को मान लिया है। उसपर जल्द से जल्द कार्रवाई शुरू की जाएगी। डीएमआरसी ने कहा है कि सोमवार को मेट्रो की सेवाएं पहले की ही तरह सामान्य चलती रहेगी। डीएमआरसी के मुताबिक इससे पहले मेट्रो ने एक उच्चस्तरीय बैठक हुई जिसमें प्रबंध निदेशक मंगू सिंह, केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के सचिव डीएस मिश्रा और दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव एमएम कुट्टी शामिल हुए।