मर्सिडीज हिट एंड रन मामले में नाबालिग आरोपी की मां को अदालत ने अग्रिम जमानत प्रदान कर दी। सिविल लाइन इलाके में अप्रैल 2016 में नाबालिग अपने पिता की कार से 32 वर्षीय मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव को कुचल दिया था।
तीस हजारी स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एसके शर्मा ने इंदू अग्रवाल को बृहस्पतिवार को अग्रिम जमानत प्रदान कर दी। अदालत ने इंदू अग्रवाल को 30 हजार के निजी मुचलके व इतनी राशि के एक जमानती की शर्त पर जमानत दी है। इंदू अग्रवाल पर साक्ष्य नष्ट करने के लिये उकसाने, झूठी जानकारी देने का आरोप पुलिस ने लगाया है।
अदालत ने जमानत प्रदान करते हुये कहा कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है लेकिन याची को गिरफ्तार नहीं किया गया। इसके मद्देनजर आरोपी को जमानत प्रदान की जाती है। अदालत ने कहा आरोपी महिला ऐसा कोई कृत्य नहीं करेगी जिससे मामले की सुनवाई प्रभावित हो।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता जितेंद्र जैन ने जमानत याचिका पर बहस करते हुये कहा वह जांच में शामिल हो चुकी हैं और आगे भी सहयोग करने तैयार हैं। उन्हें हिरासत लेकर पूछताछ करने की जरूरत नहीं है क्योंकि पुलिस आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है।
विशेष लोक अभियोजन अधिकारी अतुल श्रीवास्तव जमानत याचिका का विरोध करते हुये कहा इंदू अग्रवाल नाबालिग आरोपी की मां है।
दूसरी ओर नाबालिग के माता पिता लिंक मजिस्ट्रेट सचिन सांगवान के समक्ष पेश हुये। अदालत ने 25 मार्च को पुलिस की चार्जशीट पर संज्ञान लेने के बाद कारोबारी मनोज अग्रवाल व इंदू अग्रवाल को समन जारी किया था। मामले की अगली सुनवाई आठ मई को संबंधित कोर्ट में होगी।
पुलिस का कहना है कि नाबालिग के माता पिता ने उसे कार की चाबी दी जबकि वह जानते थे वह बालिग नहीं है। पुलिस के मुताबिक नाबालिग आरोपी पहले भी ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन में शामिल रहा है।
दिल्ली पुलिस ने नाबालिग के खिलाफ 26 मई 2016 को जूवेनाइल जस्टिस बोर्ड में चार्जशीट दाखिल की थी। पुलिस ने नाबालिग पर गैर इरादतन हत्या की धारा लगाई थी जिसमें उसे 10 साल तक कैद हो सकती है।