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शादी के इच्छुक लोगों के लिए मेनका गांधी का गंभीर संदेश

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शादियों का मौसम नजदीक है और इसके साथ ही वर-वधू की खोज के लिए मां-बाप के प्रयास भी शुरु हो चुके हैं। शादी जीवन भर का फैसला होता है। इसमें छोटी सी गलती किसी का जीवन बर्बाद कर सकती है। आजकल शादियों जैसे बेहद पारंपरिक आयोजन के लिए इंटरनेट का प्रयोग आम बात हो चुकी है। लेकिन तकनीकी के इस प्रयोग ने घरों को बसाने के साथ कई घरों को उजाड़ा भी है।
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इस गड़बड़झाले ने केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी तक को परेशान किया और नतीजा हुआ कि उन्होंने शादियों और डेटिंग के लिए मशहूर देश की सबसे बड़ी इंटरनेट साइटों को मीटिंग के लिए बुला लिया। इंटरनेट पर शादियों के लिए बने प्रोफेशनल साइटों पर लोग शादी के लिए ऐसे प्रोफाइल डाल रहे हैं जो असल में नकली होते हैं या बेहद बढ़ा-चढ़ा कर पेश किए जाते हैं।

यह भी चौंकाने वाली बात है कि शादी जैसे गंभीर विषय से संबंधित जानकारियों का आदान-प्रदान करने के लिए बनी इन साइटों पर कोई भी जानकारी डालने के लिए किसी कानूनी सत्यापन या कागजी वेरिफिकेशन की औपचारिकता का पालन नहीं किया जाता।
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भारत में ऐसे मैट्रीमोनियल साइट्स कितने लोकप्रिय हैं इसका अंदाजा आप इस बात से ही लगा सकते हैं कि केवल जीवन साथी डॉट कॉम पर ही लगभग 56 लाख लोगों ने अपने प्रोफाइल डाल रखे हैं।

'आधार नंबर को जरूरी बनाया जाए'

हालांकि इन साइटों के ‌जरिए होने वाले फ्रॉड ने महिला एवं बाल कल्याण मंत्री मेनका गांधी को इतना परेशान किया कि उन्हें इस मामले पर कार्यवाई करनी पड़ी।

मेनका गांधी ने भारत मैट्रीमोनी और जीवन साथी डॉट कॉम के उच्च अधिकारियों ने साथ बैठक कर उन्हें इस खतरे के बारे में सचेत किया। उन्होंने इन साइट को सलाह दी कि वह सुनिश्चित करें कि जो लोग अपने प्रोफाइल डाल रहे हैं कम से कम उनका आधार नंबर जरूर मांगा जाए।

हालांकि इस बारे में मेनका गांधी का कहना है कि केवल इस कदम से फेक प्रोफाइल के धंधे पर रोक लग जाएगी यह नहीं कहा जा सकता। हालांकि हम ऐसा तंत्र विकसित करने पर भी काम कर रहे हैं जिससे कि प्रोफाइल डालने वाले शख्स की असली पहचान को साबित किया जा सके।
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शादी शुदा खुद को बताते हैं सिंगल

बता दें कि इन साइटों पर किसी के भी नामांकन के लिए केवल मोबाइल वैरिफिकेशन की जरूरत होती है। हाली ही में ऐसे बहुत से मामले सामने आए हैं जिनमें शादी-शुदा व्यक्ति खुद को सिंगल बता कर डेटिंग साइट पर लड़कियों से संपर्क करने की कोशिश करते रहे हैं।

हालांकि इस बारे में भारत मैट्रीमोनी के कौशिक तिवारी का कहना है कि हम मंत्री जी के सुझाव का स्वागत करते हैं लेकिन केवल इस आधार पर कि किसी के पास आधार नंबर नहीं है उसे साइट पर रजिस्टर होने से रोका नहीं जा सकता।

जीवन साथी डॉट कॉम के नेशनल सेल्स हेड रोहन माथुर का कहना है कि यह एक नया माध्यम है जो तेजी से लो‌कप्रिय हो रहा है। हालांकि हमारी टीम लगातार इसके सुरक्षा मानकों पर काम कर रही है।
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