साइबर सिटी में कचरा प्रबंधन के लिए जिला प्रशासन ने मेगा प्रोजेक्ट तैयार किया है। इस पर 28 करोड़, 30 लाख रुपये खर्च होंगे।
यह परियोजना ‘निर्मल भारत अभियान’ स्कीम के तहत तैयार की गई है। वर्ष 2014-15 की अवधि के लिए जिले के 60 गांवों में इसे धीरे-धीरे लागू किया जाएगा। जिन गांवों में कचरा प्रबंधन परियोजना प्राथमिक चरण में लागू होगी उसकी सूची भी तैयार कर ली गई है।
कचरा प्रबंधन परियोजना में ठोस और तरल दोनों प्रकार के कचरे को शामिल किया गया है। गांवों में साफ-सफाई को प्रोत्साहित करने के लिए परियोजना को उन गांवों को शामिल किया गया है जिन्हें निर्मल ग्राम पुरस्कार मिल चुका है या जिनका नाम निर्मल ग्राम पुरस्कार की सूची में है।
इसे शुरूआत में फर्रूखनगर खंड के गांव मुबारिकपुर, सोहना खंड के गांव हसनपुर व गुड़गांव खंड के गांव काकरौला में पॉयलट प्रोजेक्ट के तौर पर चलाया जा रहा है। जिला उपायुक्त शेखर विद्यार्थी ने बताया कि परियोजना के पहले चरण की शुरूआत के लिए 16 गांवों की सूची तैयार की गई है।
ऐसे होगा कचरा प्रबंधन
निर्मल भारत अभियान (एनबीए) के तहत गांवों में ठोस-तरल कचरा प्रबंधन के लिए शेडों का निर्माण किया जाएगा। प्रोजेक्ट के तहत गांवों में घर-घर जाकर कचरा एकत्रित करने के लिए रिक्शानुमा रेहड़ी लगाने काम शुरू कर दिया गया है। घरों से कचरा एकत्रित करके गांवों में स्थापित किए गए शेडों तक ले जाया जाएगा। इन गड्डों में घुलनशील कचरे जिससे खाद बनाई जा सके को डाला जाएगा।