उप्र के स्वास्थ्य राज्य मंत्री नितिन अग्रवाल के मंगलवार को नोएडा जिला अस्पताल में औचक निरीक्षण के बाद अस्पताल प्रशासन ने आनन-फानन में व्यवस्था सुधार के लिए कदम बढ़ाने शुरू कर दिए।
पीने और अन्य उपयोग में आने वाले पानी के लिए अस्पताल की सीएमएस ने अलग से इंतजाम के लिए कहा है। वहीं, इमरजेंसी में बाहर से लिखी जाने वाली दवाओं के बजाए अस्पताल प्रशासन स्वयं बाहर से दवा मंगवा कर देगा।
सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल में स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने बाहर से लिखी जा रही दवाओं पर काफी नाराजगी व्यक्त की थी। इसके लिए सीएमएस ने फिजीशियन को एक निश्चित राशि आवंटित कराने के निर्देश दिए हैं।
यदि अस्पताल में कोई दवा उपलब्ध न हो तो मरीज को कतई बाहर से दवा लाने के लिए नहीं लिखा जाएगा। इसके लिए अस्पताल प्रशासन द्वारा उस मरीज को दी गई राशि से दवा मंगवाकर दी जाएगी।
वहीं, अक्सर आरओ खराब होने के कारण पीने के पानी की समस्या हो जाती थी। वहीं, अन्य उपयोग में आने वाला पानी उपलब्ध नहीं हो पाता था। इन दिनों सर्दी के बावजूद अस्पताल में पानी की समस्या बन जाती है तो गर्मी में तो मरीजों का और बुरा हाल हो जाता है।
इसके लिए अस्पताल की सीएमएस डॉ. मीना मिश्रा ने पानी की अलग व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि पानी की स्टोरेज के लिए एक अलग से बड़ी टंकी बनाई जाएगी। जिसमें प्रतिदिन स्वच्छ जल भरा जाएगा।