प्रस्ताव में कहा गया कि हिंदू और सिख धर्म में हलाल मीट का सेवन करना प्रतिबंधित है। इसलिए पूर्वी दिल्ली में मीट उत्पादों की बिक्री करने वाले सभी रेस्टोरेंट और होटलों के बोर्ड पर हलाल या झटका लिखना जरूरी होगा। इसके अलावा मीट उत्पादों की बिक्री करने वाली सभी दुकानों के लिए झटका या हलाल लिखना अनिवार्य कर दिया गया है।
लाइसेंस न लेने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई
नागरिक संस्थाओं की ओर से खाद्य उत्पादों की बिक्री करने वाले रेस्टोरेंट और मीट शॉप को हेल्थ सर्टिफिकेट जारी किए जाते हैं, लेकिन प्रीत विहार, मयूर विहार, सीलमपुर, लक्ष्मी नगर आसपास के क्षेत्रों में अभी भी कई ऐसी दुकानें हैं, जिनके पास अभी भी वैध लाइसेंस नहीं हैं। इस संबंध में ईडीएमसी ने उन्हें नोटिस जारी करते हुए 15 सितंबर तक लाइसेंस लेने के निर्देश दिए हैं। इसकी अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई भी की जाएगी।