महंगाई जैसे मुद्दे पर पहले दिल्ली और अब केंद्र की सत्ता से कांग्रेस को खदेड़ने वाले भाजपा शासित तीनों नगर निगम ने टोल टैक्स की दरों में भारी बढ़ोतरी की है। दिल्ली में एंट्री करने वाले सभी प्रकार के कमर्शियल वाहनों से वसूले जाने वाले टोल टैक्स की दरों में 30 प्रतिशत से लेकर 45 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है।
नई दरें आगामी एक जुलाई से लागू होंगी। इससे राजधानी वालों की ही नहीं अन्य राज्यों से दिल्ली में कमर्शियल वाहनों से पहुंचने वाले या सामान लेकर आने वालों को जेब और ढीली करनी होगी। दिल्ली में 86 मार्गों से वाहन दिल्ली में प्रवेश करते हैं। तीनों नगर निगम की ओर से बढ़ाई गई टोल टैक्स की दरों में बढ़ोतरी का भार सबसे अधिक टैक्सी, टैंपो जैसे वाहनों पर पड़ेगा। उन्हें करीब 45 प्रतिशत अधिक टोल टैक्स देना होगा। बस एवं चार टायर वाले ट्रक की दरों में 41 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी की गई है।
अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी
2005 से प्रति तीन वर्ष बाद नगर निगम टोल टैक्स की दरों में बढ़ोतरी कर रहा है। इस बार तीनों नगर निगम ने टोल टैक्स की दरों में बढ़ोतरी करने में पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। 2008 व 2011 की तुलना में इस बार उन्होंने काफी अधिक दरें बढ़ाई है। टैक्सी, टैंपो से वसूलने जाने वाले टोल टैक्स की दरों में 2008 व 2011 में 10 रुपये बढ़ाए थे, जबकि इस बार 20 रुपये, बस, ट्रक-निशान, कैंटर की दरों में 2008 में 20 रुपये।
इसके बाद 2011 में 15 रुपये और अब 35 रुपये, छह पहिया वाले वाहनों की दरों में 2008 में 40 रुपये, वर्ष 2011 में 35 रुपये और अब 60 रुपये, 10 पहिया वाले वाहनों की दरों में वर्ष 2008 में 80 रुपये, वर्ष 2011 में 50 रुपये और अब 120 रुपये और 14 पहिया वाले वाहनों की दरों में 2008 में 200 रुपये, वर्ष 2011 में 120 रुपये और अब 300 रुपये की बढ़ोतरी की है। जबकि एंबुलेंस, दमकल, पुलिस की गाड़ियां, लाल व संतरी लाइट लगी सरकारी गाड़ियां, सेना के वाहन एवं शव वाहन टैक्स मुक्त होते हैं।