मेयर ने यूजर चार्ज के खिलाफ सीएम को लिखा पत्र
एमसीडी आयुक्त की ओर से घरों से कूड़ा उठाने के लिए यूजर चार्ज वसूलने के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ रही है। मेयर मुकेश कुमार ने नागरिकों पर यूजर चार्ज के खिलाफ मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर फैसले पर पुनर्विचार की मांग की। पत्र में मेयर ने इसे जनविरोधी करार देते हुए कहा था कि जब तक एमसीडी हर घर से समय पर और संतोषजनक ढंग से कूड़ा नहीं उठा पाती, तब तक इस तरह का चार्ज लागू करना जनता के साथ अन्याय है।
उन्होंने मुख्यमंत्री का ध्यान दिल्ली सरकार की उस अधिसूचना की ओर दिलाया जिसके तहत सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए यूजर चार्ज लगाने की बात कही गई थी, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि इसे लागू करने से पहले जनता को बेहतर सेवाएं देना पहली शर्त होनी चाहिए। मेयर ने लिखा कि फिलहाल 12 जोनों में जो कूड़ा उठाने वाली निजी कंपनियां कार्यरत हैं, वे बेहद लचर प्रदर्शन कर रही हैं, जिससे जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं।
पश्चिमी, मध्य व दक्षिणी क्षेत्र की हालत सबसे खराब है, जहां कूड़ा उठाने वाली कंपनियों के ठेके समाप्ति के कगार पर हैं और वे अपने कार्य में लापरवाही बरत रही हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि दिल्ली से पहले उन शहरों से फीडबैक लिया जाना चाहिए जहां इस तरह के यूजर चार्ज पहले से लागू हैं। साथ ही, उन्होंने सवाल उठाया कि यह निर्णय उनके कार्यकाल के अंतिम समय में ही क्यों लागू किया जा रहा है, जबकि अधिसूचना कई साल पुरानी है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि दिल्ली की जनता पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ डालने से पहले इस फैसले को अविलंब निरस्त कराने के निर्देश दें, ताकि जनता को राहत मिले और एमसीडी की छवि भी बेहतर हो।
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आप-भाजपा की मिलीभगत: कांग्रेस
नई दिल्ली। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने एमसीडी की ओर से घरों से कूड़ा उठाने के बदले यूजर चार्ज वसूलने के निर्णय का कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि ये भाजपा व आप की मिलीभगत से दिल्ली की जनता पर अतिरिक्त टैक्स का बोझ है। उन्होंने कहा कि संपत्ति कर के साथ रिहायशी संपत्तियों से 50 से 200 रुपये मासिक यूजर चार्ज वसूला जाएगा, जिससे सालाना 600 से 2400 रुपये का अतिरिक्त भार आम नागरिकों पर पड़ेगा।
स्ट्रीट वेंडरों से भी 100 रुपये प्रतिमाह वसूले जाने का प्रावधान है। यह उपनियम 2018 से ठंडे बस्ते में पड़ा था, जिसे अब जबरन लागू किया जा रहा है, जबकि दिल्ली के 80 प्रतिशत घरों से कूड़ा नहीं उठ रहा है। यह चार्ज पहले सिर्फ व्यावसायिक संपत्तियों से लिया जाता था, अब इसे रिहायशी इलाकों पर थोपना जनता के साथ अन्याय है। उन्होंने मेयर की ओर से विरोध जताने पर सवाल उठाते हुए कहा कि एमसीडी के सर्वोच्च पद पर रहते हुए यह विरोध दिखावा मात्र है। उन्होंने मांग की कि यूजर चार्ज को तुरंत वापस लिया जाए और अगर मेयर वास्तव में इसका विरोध करते हैं तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।