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MCD Mayor Election: हंगामे के चलते तीसरी बार टला मेयर चुनाव, फिर से सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी 'आप'

Tue, 07 Feb 2023 04:07 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

सदन शुरू होते ही हंगामे की भेंट चढ़ गया। सदन स्थगित होने के बाद दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर आरोप लगा रही हैं। वहीं आम आदमी पार्टी ने मेयर के चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है।
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सिविक सेंटर में हंगामा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली नगर निगम में सोमवार को हंगामे के कारण मेयर, डिप्टी मेयर का चुनाव तीसरी बार भी नहीं हो सका। चुनाव टलने के विरोध में आप ने फिर से सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है। सदन शुरू होते ही हंगामे की भेंट चढ़ गया। इसके बाद पहले तो पीठासीन अधिकारी ने 10 मिनट के लिए सदन स्थगित किया, बाद में उन्होंने सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।

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सुबह करीब 35 मिनट देरी से सदन की कार्यवाही शुरू हुई। कुर्सी पर बैठते ही पीठासीन अधिकारी सत्या शर्मा ने मेयर, डिप्टी मेयर और स्थायी समिति के छह सदस्यों के चुनाव एक साथ कराने की घोषणा की। साथ ही कहा कि मनोनीत पार्षद (एल्डरमैन) भी मेयर चुनाव में हिस्सा लेंगे और स्थायी समिति के सदस्यों के चुनाव में केवल पार्षद शामिल होंगे। सभी सदस्यों को तीन तरह के मतपत्र दिए गए। एक से मेयर, दूसरे से डिप्टी मेयर और तीसरे से स्थायी समिति के सदस्यों को वोट देना था।

मेयर चुनाव में वोट करने के लिए मनोनीत आप पार्टी के विधायक महेंद्र गोयल ने तीनों पदों के चुनाव एक साथ कराए जाने पर आपत्ति जताई और कहा कि मेयर चुनाव में एल्डरमैन को वोट देने का हक देना असांविधानिक है। इस पर पीठासीन अधिकारी सत्या शर्मा ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट ने 2016 के फैसले में साफ कहा है कि एल्डरमैन मेयर चुनाव में वोट डाल सकते हैं। इसका आप ने हल्के अंदाज में विरोध किया, जबकि भाजपा पार्षदों का विरोध तेज हो गया। कुछ देर बाद सत्या शर्मा ने आप पार्षद दल के नेता मुकेश गोयल से कहा कि वह अपने सहयोगियों को शांत करवाएं और मेयर का चुनाव होने देंं। जनता ने उन्हें दिल्ली की सेवा करने के लिए चुना है, बार-बार हंगामा करना ठीक नहीं है। फिर उन्होंने 10 मिनट के लिए सदन को स्थगित कर दिया।
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करीब बीस मिनट बाद वह दोबारा कुर्सी पर लौटीं और सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई। तभी पूर्ववर्ती दक्षिणी निगम की स्थायी समिति अध्यक्ष रहीं भाजपा पार्षद शिखा राय ने पीठासीन अधिकारी के सामने यह मांग रखी कि आम आदमी पार्टी के दो विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी और संजीव झा को कोर्ट से सजा मिल चुकी है, इसलिए वह मेयर चुनाव में वोट देने के काबिल नहीं हैं। इसका पीठासीन अधिकारी ने समर्थन किया और कहा कि जिन लोगों के पास वोट देने का अधिकार नहीं है, वह सदन से बाहर चले जाएं। इसके बाद हंगामा तेज हो गया। आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने इसे पीठासीन अधिकारी की तानाशाही बताया। भाजपा के पार्षद लगातार दोनों विधायकों के खिलाफ वापस जाओ-वापस जाओ के नारे लगा रहे थे। हंगामा बढ़ता देख पीठासीन अधिकारी ने सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। मेयर, डिप्टी मेयर और स्थायी समिति के छह सदस्यों का चुनाव फिर से नहीं हो पाया।

एलजी फिर बुला सकते हैं सदन की बैठक
मेयर चुनाव के लिए जहां आम आदमी पार्टी ने कोर्ट जाने का फैसला किया है, वहीं संभव है कि एलजी वीके सक्सेना मेयर चुनाव के लिए फिर से सदन की बैठक बुलाने का निगम को निर्देश दें। यह फैसला एलजी को ही करना है। इससे पहले भी आप की मेयर प्रत्याशी शैली ओबरॉय ने मेयर चुनाव कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। लेकिन इस मामले की कोर्ट में सुनवाई होने से पहले ही एलजी ने सदन की बैठक बुलाने का निगम को निर्देश दे दिया था, जिसके बाद शैली ओबरॉय ने कोर्ट से अपनी याचिका वापस ले ली थी। 

निगम के बजट को लेकर संशय
दिल्ली नगर निगम को 15 फरवरी से पहले अपना बजट भी फाइनल करना है। पहले निगम ने यह कहा था कि छह फरवरी को मेयर का चुनाव हो जाने की स्थिति में सदन की एक और मीटिंग बुलाकर वह संविधानिक तरीके से अपना बजट पास करेगा। लेकिन मेयर का चुनाव नहीं होने के कारण अब देखना यह होगा कि इस मसले पर निगम क्या फैसला करता है। संभव है कि निगम आयुक्त ज्ञानेश भारती जल्द ही विशेष अधिकारी अश्वनी कुमार की निगरानी में बजट को पास करा लें।

हारने के बावजूद मेयर नहीं बनने दे रही भाजपा: सिसोदिया
आप के वरिष्ठ के नेता व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि एमसीडी चुनाव में हारने के बावजूद भाजपा महापौर नहीं बनने दे रही है। इस कारण अब आम आदमी पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है। दरअसल, महापौर चुनाव के दौरान भाजपा पार्षदों का हंगामा दर्शाता है कि उनकी पार्टी न तो देश के कानून का पालन करती है और न ही संविधान काे मानती है। इस कारण एमसीडी चुनाव के दो माह बाद भी भाजपा दिल्ली को महापौर नहीं मिलने दे रही है।

सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली की जनता ने आप को एमसीडी में पूर्ण बहुमत दिया फिर भी भाजपा अधिकारियों से एमसीडी चलवा रही है, क्योंकि भाजपा को पता है आप का महापौर बनने पर उसकी 17 सालों की लूट सबके सामने आ जाएगी। उन्होंने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 243 आर के अनुसार मनोनीत पार्षद के पास नगर निगम चुनाव में वोटिंग के अधिकार नहीं होंगे। इसी तरह एमसीडी एक्ट में भी मनोनीत पार्षद को वोट देने का अधिकार नहीं है, लेकिन पीठासीन अधिकारी ने असांविधानिक तरीके से महापौर चुनाव में मनोनीत पार्षदों को वोट डालने का अधिकार दे दिया। इसके बाद उन्होंने आप के दो विधायकों पर मामले दर्ज होने पर उनको वोटिंग नहीं करने का एलान किया। 

भाजपा कार्यालय का घेराव करेगी आप
आप ने कहा है कि भाजपा जनादेश का अपमान कर रही है और एमसीडी में मेयर का चुनाव नहीं होने दे रही है। इसके विरोध में आम आदमी पार्टी मंगलवार को सुबह 10.30 बजे भाजपा कार्यालय का घेराव करेगी। इसमें आप पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। आप पार्टी के वरिष्ठ नेता व विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा है कि ऐसी बेईमानी हमने कभी नहीं देखी, पीठासीन अधिकारी एल्डरमैन को मेयर के चुनाव में वोट डालने का अधिकार देना चाहती हैं। हम संविधानिक तरीके से मेयर का चुनाव कराने के लिए सड़क पर संघर्ष करने के लिए तैयार हैं। 

भाजपा की हर बेईमानी के बाद भी आप का ही महापौर बनेगा: सिसोदिया
सिसोदिया ने कहा कि सभी नियम, कानून, संविधान और उपराज्यपाल की अधिसूचना के अनुसार पहले महापौर का चुनाव होता है। उसके बाद महापौर की अध्यक्षता में उपमहापौर और स्थायी समिति के सदस्यों का चुनाव होता है, लेकिन नियम, कानूनों व संविधान की धज्जियां उड़ाते हुए पीठासीन अधिकारी ने तीनों चुनाव इकठ्ठा करने का निर्देश दिया। इसके बाद पीठासीन अधिकारी ने संविधान और डीएमसी एक्ट की अवमानना करते हुए मनोनीत पार्षदों को महापौर चुनाव में वोट डालने का अधिकार दिया। इसके बावजूद आप के पार्षद शांत रहे, क्योंकि उन्हें पता था कि भाजपा की हर बेईमानी के बाद भी आप का ही महापौर बनेगा।

सड़क, सदन और कोर्ट में लड़ाई लड़ेगी आप
सदन में हंगामे के बाद आप के वरिष्ठ नेताओं ने सिविक सेंटर में ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि अब वह सड़क, सदन और कोर्ट में मेयर चुनाव की लड़ाई लड़ेंगे। सांसद संजय सिंह ने कहा कि भाजपा ने लोकतंत्र और संविधान का गला घोटते हुए एमसीडी के मेयर, डिप्टी मेयर व स्थायी समिति का चुनाव नहीं होने दिया। संजय सिंह ने कहा कि पीठासीन अधिकारी संविधान व डीएमसी एक्ट का उल्लंघन कर एल्डरमैन से वोटिंग कराना चाहती थीं। साथ ही उन्होंने मेयर, डिप्टी मेयर और स्थाई समिति का एक साथ चुनाव कराने का प्रयास किया, जबकि यह एजेंडे में नहीं था। पार्टी ने कहा कि वह अदालत से अपील करेगी कि उसकी निगरानी में ही चुनाव हो।

आतिशी बोलीं मैंने सुबह ही बताया दिया था कि हंगामा करेगी भाजपा
विधायक आतिशी ने कहा कि मैंने सुबह ही बता दिया था कि भाजपा हंगामा करेगी और पीठासीन अधिकारी चुनाव को स्थगित करेंगी। पहले से भाजपा का मेयर चुनाव नहीं होने देने का प्लान था। इसीलिए भाजपा के सांसद मनोज तिवारी, हंसराज हंस, रमेश बिधूड़ी और गौतम गंभीर वोट डालने नहीं आए, केवल डॉ. हर्षवर्धन और प्रवेश वर्मा आए थे। आप कोर्ट से अपील करेगी कि उसकी निगरानी में मेयर का चुनाव हो और एल्डरमैन को वोट न डालने दिया जाए। विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पिछले एक साल से बेईमानी से भाजपा का एमसीडी पर कब्जा है और इसी तरह से आगे भी कब्जा चाहती है।

‘कोर्ट के सामने पूरा मामला जाएगा’
संजय सिंह ने कहा कि पहली बार एल्डरमैन को वोट करने का अधिकार दिया जा रहा है, पहले दिन से ही हम लोगों को आशंका थी कि ये लोग एल्डरमैन से वोटिंग कराएंगे। हमने बार-बार वोटर लिस्ट मांगी, लेकिन लिस्ट नहीं दी गई। जबकि कोई भी चुनाव होता है, तो सदन के नेता के साथ मेयर, डिप्टी मेयर और स्थायी समिति के चुनाव लड़ रहे लोगों को वोटर लिस्ट दी जाती है। इसका मतलब है कि इनकी मंशा साफ थी। इनको किसी भी तरह से चुनाव नहीं कराना था। क्योंकि ये हार रहे हैं। अब माननीय न्यायलय के सामने यह पूरा मामला जाएगा। हमें उम्मीद है कि कोर्ट से हम लोगों को न्याय मिलेगा। 

आप के पास भारी बहुमत: दुर्गेश 
विधायक दुर्गेश पाठक ने कहा कि भाजपा की कोई दिलचस्पी नहीं है कि दिल्ली की जनता ने एमसीडी में जिस पार्टी को जनादेश दिया है, उसकी सरकार चले। पूरी दिल्ली को पता है कि आम आदमी पार्टी को भारी बहुमत है। 

सदन में हंगामे पर भाजपा सांसद ने जताई चिंता
दिल्ली नगर निगम में हुए हंगामे और सदन स्थगन को लेकर भाजपा ने चिंता जाहिर की है। कहा हे कि आप पार्षद, विधायक, सांसद के साथ ही मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी इसके लिए जिम्मेदार हैं। महापौर चुनाव में तीसरी बार हंगामा कर अपनी अंतर्कलह को दबाने की कोशिश की जा रही है। भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी ने कहा है कि जिन निगम पार्षदों से टिकट के बदले आप ने करोड़ो रुपये वसूले थे वे वोट देने के बदले अपने पैसे वापस मांग रहे हैं। भाजपा निगम पार्षदों की उपस्थिति पर सवाल खड़े करने के जवाब में बिधूड़ी ने कहा कि केजरीवाल और सिसोदिया निगम के रजिस्टर में जांच करें जहां भाजपा के सातों सांसद, एक विधायक और 105 पार्षदों की उपस्थिति दर्ज है।

हार के डर से आप नहीं चलने दे रही एमसीडी: बिधूड़ी
नई दिल्ली। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा है कि संभावित हार को देखते हुए आप नगर निगम का गठन नहीं होने दे रही है। हार की आशंका की वजह से ही बार-बार नगर हंगामा करके बैठक स्थगित करा देती है। पीठासीन अधिकारी सांविधानिक तरीके से नगर निगम की बैठक संचालित कर रही हैं लेकिन हर बार आम आदमी पार्टी उन्हें काम करने से रोक देती है। बिधूड़ी ने यह भी कहा कि एल्डरमैन नगर निगम के वैधानिक पार्षद हैं, क्योंकि एक्ट के अनुसार ही उनका मनोनयन किया गया है। वैधानिक सदस्यों को वोट डालने का अधिकार होता है लेकिन आम आदमी पार्टी कभी उनकी शपथ को लेकर हंगामा करती नजर आती है तो कभी उनके वोट के अधिकार पर।


सदन की बैठक से तीन घंटे पहले ही शुरू हो गया था आरोप-प्रत्यारोप
एमसीडी के महापौर चुनाव के लिए सोमवार को सदन की बैठक शुरू होने से करीब तीन घंटे पहले ही सियासी बवाल मचना शुरू हो गया था। आम आदमी पार्टी व भाजपा के नेता एक दूसरे पर सदन में हंगामा करने की तैयारी का आरोप लगाने लग गए थे। आप नेता व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट करके महापौर का चुनाव नहीं होने की आशंका जताई थी। वहीं, उनके ट्वीट के करीब एक घंटे बाद भाजपा नेताओं ने संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि स्थायी समिति के सदस्यों के चुनाव में उनके पार्षदों से क्रॉस वोट करने के लिए आप नेता करोड़ों रुपये व पद का लालच दे रहे है। इसी बीच आप नेताओं ने भाजपा के आरोपों को नकारते हुए दावा किया कि वे सदन में हंगामा करने की जमीन तैयार कर रही है।

सिसोदिया ने सुबह ही ट्वीट कर चुनाव न होने की कही थी बात
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोमवार की सुबह साढ़े आठ बजे ट्वीट करके खुलासा किया कि भाजपा ने अपने पार्षदों को आज फिर एमसीडी बैठक में मेयर चुनाव न होने देने के निर्देश दिए है। भाजपा पार्षदों को कहा गया है सदन शुरू होते ही किसी बहाने से हंगामा कर देना। पीठासीन अधिकारी पिछली बार की तरह फिर अनिश्चितकाल के लिए सदन स्थगित कर देगी। एलजी फिर सेे 20 दिन बाद की तारीख देंगे। उनके ट्वीट करने के एक घंटे बाद भाजपा नेता वीरेंद्र सचदेवा, विजेंद्र गुप्ता व हर्ष मल्होत्रा ने संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि आप के नेता उनके पार्षदों को तोड़ने का प्रयास कर रहे है। भाजपा के संवाददाता सम्मेलन के बाद आप नेता आतिशी व दुर्गेश पाठक ने संवाददाता सम्मेलन किया।

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