दिल्ली नगर निगम चुनाव (MCD Election 2022) में राजनीतिक दलों ने बिसात बिछा दी है। बड़ी-बड़ी घोषणाएं कर जनता को लुभाने की कोशिश हो रही है, तो बड़े रोड शो कर अपने पक्ष में हवा बनाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। लेकिन मतदाता ने भी अपने स्तर पर तैयारियां कर रखी हैं, उसे बहुत अच्छी तरह से पता है कि उसे किसे वोट देना है और किसकी खबर लेनी है। अमर उजाला ने इस दौरान चुनावी पंचायत आयोजित कर मतदाताओं के 'मन की बात' टटोलने की कोशिश की तो पता चला कि वह राजनीतिक दलों से हर बात का हिसाब लेने के लिए तैयार बैठा हुआ है।
अमर उजाला ने सोनिया विहार (वार्ड नंबर 249) में जाकर मतदाताओं से बात की। यहां के सोनू की शिकायत है कि आम आदमी पार्टी ने चुनाव के समय इस क्षेत्र का विकास करने और स्कूल बनवाने की बात कही थी। लेकिन आम आदमी पार्टी को दिल्ली की सत्ता में आए लगभग आठ साल हो चुके हैं, लेकिन उनके क्षेत्र में विकास का कोई काम नहीं हुआ है। बारिश में सड़कों पर घुटने से ऊपर तक का पानी भर जाता है, लेकिन पानी के निकास की कोई व्यवस्था नहीं हो पाई है।
शराब के ठेके बने परेशानी का कारण
यहीं की निवासी और भाजपा कार्यकर्ता ज्योती बताती हैं कि दिल्ली सरकार ने स्कूल देने का वादा किया था, लेकिन स्कूल नहीं खुले। उलटे उनके घर से थोड़ी ही दूर पर शराब का एक ठेका खुल गया। इससे वहां शराबियों की भीड़ रहने लगी और वहां से लोगों का, विशेषकर महिलाओं का निकलना दूभर हो गया। जनता के भारी विरोध के बाद शराब के ठेके की दुकान तो बंद हो गई है, लेकिन इससे दिल्ली सरकार के इरादों पर सवाल खड़े हो गये हैं।
पानी-सीवर नहीं
सूरज कुमार ने कहा कि इस एरिया में सीवर लाइन नहीं है। लोग घर बनाते हैं, लेकिन गंदगी के निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। इससे आए दिन गंदगी सड़कों पर फैल जाती है और सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता सरकार से केवल साफ पानी और साफ सड़कें मांग रही है, लेकिन सरकारें ये देने में बुरी तरह असफल साबित हो रही हैं।
पक्की रजिस्ट्री नहीं
प्रवीण शर्मा ने बताया कि सोनिया विहार लाखों लोगों के रहने की जगह है। यहां भारी संख्या में पूर्वांचली मतदाता रहते हैं। कालोनी कच्ची है, इसलिए इसके टूटने का खतरा हमेशा बना रहता है। लोग दिनरात इस डर में जीते हैं कि पता नहीं कब नगर निगम का बुलडोजर आ जाए और उनका घर गिरा दिया जाए। उनकी शिकायत है कि केंद्र और दिल्ली सरकार ने लोगों को पक्की रजिस्ट्री करने के लिए खूब बात की, लेकिन दोनों में समन्वय न बन पाने के कारण आज तक पक्की रजिस्ट्री कराने का रास्ता साफ नहीं हो सका। लोग चाहते हैं कि उन्हें पक्की रजिस्ट्री कराने का अधिकार दिया जाए, जिससे वे अपना घर गिराए जाने की चिंता से मुक्त होकर शांति से जी सकें।
करेंगे ये काम
सोनिया विहार के अनुपम पांडेय की पत्नी सोनी पांडेय निगम चुनाव में भाजपा प्रत्याशी हैं। उनके पति और जिला भाजपा अध्यक्ष अनुपम पांडेय बताते हैं कि वे इसी एरिया के रहने वाले हैं और यहीं के लोगों के बीच उठते-बैठते हैं। यदि उनका प्रत्याशी जीतता है तो वे लोगों की समस्याएं दूर करने के लिए हमेशा यहीं उपलब्ध रहेंगे। वे इस इलाके में एक प्राथमिक स्कूल और प्याऊ खुलवाना चाहते हैं। दिल्ली जल बोर्ड से मिलकर यहां सीवर लाइन डलवाने का प्रयास किया जाएगा। उनका दावा है कि एरिया में साफ-सफाई की पूरी व्यवस्था कराएंगे।
चुनाव आए तो हुई सफाई
पूर्वी दिल्ली के पांडव नगर वार्ड के मंडावली बाजार के प्रधान रोहित कुमार ने बताया कि इस पूरी एरिया में केवल एक पार्क है। लेकिन उस पर लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है और बच्चों के पास खेलने के लिए कोई जगह नहीं है। वे इसकी कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। साफ-सफाई के लिए निगम की टप्पर गाड़ी रोजाना आती है, लेकिन गलियों में लोगों के घरों का कूड़ा ही उठा पाती है। सड़कों पर कूड़ा बिखरा रहता है, लेकिन उसकी सफाई करने वाला कोई नहीं है।
कचरा फेंकने के लिए एक ढलाव घर बनाया गया है, लेकिन आसपास के पूरे एरिया में कचरा बिखरा रहता है। ढलाव घर के पास ही एक मंदिर है, लेकिन मंदिर के आसपास भी भारी मात्रा में कचरा बिखरा रहता है। लोग पूजा करने से भी बचने लगे हैं, लेकिन यहां सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। अवारा गायें-कुत्ते घूमते रहते हैं, जिससे लोग इसके आसपास भी नहीं आना चाहते।
मंडावली के संजीव कुमार ने बताया कि इस समय सफाई दिख रही है, लेकिन यह नगर निगम चुनाव आने के कारण हुई है। अब तक यहां कूड़ा बिखरा रहता था। मंडावली चंद्र विहार रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन हजारों लोग ट्रेन लेने के लिए गुजरते हैं, लेकिन पूरे रास्ते में कचरा बिखरा रहता है। नशेड़ियों के कारण पूरा माहौल खराब रहता है, लेकिन इस पर कोई रोक नहीं लगती।
नागरिक भी समझें जिम्मेदारी
साकेत ब्लॉक के निवासी धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि पहले ज्यादा गंदगी रहती थी। टप्पर गाड़ियों के द्वारा हर गली से कचरा उठाने की शुरूआत होने के बाद स्थिति में बहुत सुधार हुआ है, लेकिन अभी भी साफ-सफाई को लेकर बहुत कुछ किया जाना चाहिए। इसी इलाके की सोनिया विहार सब्जी मंडी में कचरा फैला रहता है जिससे लोगों को भारी परेशानी होती है। हालांकि, वे मानते हैं कि नागरिकों के सफाई के प्रति अपनी जिम्मेदारी न समझने से किसी शहर को साफ रखना संभव नहीं है। लोगों को भी कहीं भी कचरा फेंकने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी शहर को साफ रखने की जिम्मेदारी निगम और नागरिकों दोनों की है। सबको अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।