एमसीडी चुनाव में भाजपा की अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। प्रत्याशियों की सूची आने के बाद हर जिले, हर वार्ड यहां तक की मंडलों में भी विरोध शुरू हो गया। अंतरकलह व विरोध प्रदर्शन को देखते हुए भाजपा ने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा के बाद नामांकन के आखिरी दिन नौ उम्मीदवारों के टिकट काट दिए। इनमें दक्षिणी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र के 4, पश्चिमी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र के 3 और उत्तर पूर्वी लोकसभा क्षेत्र के दो उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं।
वार्ड के लिए नये प्रत्याशियों की सूची को प्रदेश नेतृत्व ने सोमवार देर शाम तक छुपाने की मुहिम में जुटी रही। नाम काटने पर चर्चा इस बात को लेकर तेज हो गई है कि जिताऊ उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है। बदनाम नेताओं को टिकट पहले वितरित किया गया था। भाजपा की पहली सूची में से दक्षिणी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र में महरौली वार्ड संख्या 155 से पहले मौजूदा निगम पार्षद आरती यादव को टिकट दिया गया था जिसे रातोंरात काट कर मनोज शर्मा की पत्नी इंदू शर्मा को प्रत्याशी बनाया गया। सैदुल्लाजाब वार्ड संख्या 160 से रामपाल यादव का टिकट काटकर कमल यादव को दिया गया है। इसी तरह मधु विहार वार्ड संख्या 136 से शैलेंद्री प्रधान का टिकट काटकर सुषमा राठी को दिया गया।
भाजपा की दूसरी सूची में संगम विहार वार्ड संख्या 169 से सविता देवी का टिकट काटकर नीरज गुप्ता की पत्नी को दिया गया है। पश्चिमी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र के जनकपुरी दक्षिण वार्ड संख्या 104 से वीना रानी गर्ग का टिकट काटकर आकृत कौर को दिया गया है। इसके अलावा फतेह नगर वार्ड संख्या 100 से मुकुल अग्रवाल का टिकट काटकर बीबी जागीर कौर को और मुंडका वार्ड संख्या 35 से गजेंद्र दलाल का टिकट काटकर अरूण दलाल को दिया गया है। हर्ष विहार वार्ड संख्या 232 से लक्ष्मी माहौर की जगह विजेंद्री और सुंदर नगरी वार्ड संख्या 218 से भूमिका की जगह रेनू को टिकट मिला है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि जागीर कौर और अमृत कौर को भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा का समर्थन है। इसी तरह सांसद रमेश बिधूड़ी के समर्थन वाले तीन उम्मीदवारों को आखिरी समय में पार्टी का टिकट मिला।
इन वार्डों में बदले गए प्रत्याशी
फतेहनगर वार्ड से जागीर कौर को टिकट दिया गया है तो जनकपुरी वार्ड से अकृत कौर, मधु विहार से सुषमा राठी, मेहरौली से इंदु शर्मा, सैदुल्ला जाब वार्ड से कमल यादव, सुंदर नगरी वार्ड से रेणु, मुंडका से अरुण डिरेल, संगम विहार से नीरज गुप्ता, हर्ष विहार से विजेंद्री को टिकट मिला है
फिर दिखी संगठन की नाकामी
प्रदेश भाजपा संगठन को मजबूत करने पर बराबर जोर देती है, लेकिन एमसीडी चुनाव के लिए प्रत्याशियों की घोषणा के साथ ही संगठन की नाकामी पर भी सवाल उठने लगे हैं। इसकी बानगी तब देखी गई जब महज तीन घंटे में ही नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति को निरस्त कर दिया गया। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने जिलाध्यक्षों व उनकी पत्नियों के चुनाव लड़ने की वजह से आनन-फानन में आधा दर्जन जिलों के अध्यक्षों की नियुक्ति की। इसके बाद इनको लेकर भी पार्टी में मतभेद शुरू हो गया। सुबह नियुक्ति की जानकारी सामने आई और महज तीन घंटे में ही इसे निरस्त कर दिया गया। खुद आदेश गुप्ता ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा की।
इन नये जिलाध्यक्षों में हाल ही में पार्टी में फिर से शामिल किये गए आजाद सिंह को महरौली जिला का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। इसके अलावा चांदनी चौक से सरदार कुलदीप सिंह, नवीन शाहदरा से मनोज त्यागी, शाहदरा से दीपक गाबा, उत्तर पश्चिम से सुनील मित्तल और नजफगढ़ से रमेश शोखंदा को नियुक्त किया गया था। चर्चा है कि हाल ही में पार्टी से जुड़ने वाले एक नेता की नियुक्ति को राजनीतिक द्वेष से जोड़कर एक सांसद ने आला कमान से शिकायत की थी। इसके अलावा वरिष्ठता को बिना ध्यान में रखे जिलाअध्यक्ष बनाने पर भी शिकायत हुई। भाजपा ने बचाव में कहा है कि पार्टी अब हरेक जिले में अनुभवी पूर्व पदाधिकारियों को नियुक्त करेगी।