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एमबीए छात्र ने लगाई फांसी, हत्या का शक

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नोएडा के दनकौर कोतवाली क्षेत्र में गलगोटिया यूनिवर्सिटी कैंपस में एमबीए प्रथम वर्ष के एक छात्र ने शनिवार सुबह पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। मौके पर पहुंची पुलिस ने छात्र का कमरा सील कर दिया। पुलिस को छात्र के कमरे से कोई सुइसाइड नोट नहीं मिला, लेकिन डॉक्टर का पर्चा और मानसिक तनाव में प्रयोग होने वाली दवाइयां मिली हैं। उधर मृतक के पिता ने हत्या की आशंका जताई है।
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दनकौर थानाध्यक्ष प्रवीण यादव ने बताया कि मूलत: बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी राजेंद्र सिंह एक किसान हैं। उनका बड़ा बेटा रंजीत यूनिवर्सिटी कैंपस में रहकर एमबीए की पढ़ाई कर रहा था। कैंपस के रूम नंबर (465) में रंजीत के साथ उसका रूममेट यतेंद्र भी रहता था। शुक्रवार को यतेंद्र कैंपस से बाहर गया हुआ था।

शनिवार सुबह कैंपस लौटकर दरवाजा खोला तो रंजीत को पंखे से लटका देखा। आसपास के छात्र मौके पर पहुंचे और पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस ने मृतक के पिता से बात की है। उनके आने के बाद ही पोस्टमार्टम कराया जाएगा। एसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
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पिता को हत्या की आशंका

रंजीत के पिता राजेंद्र ने अमर उजाला को फोन पर बताया कि उनकी अपने बेटे से हर दूसरे दिन बात होती थी। शुक्रवार शाम को ही बात हुई थी। ऐसा एहसास नहीं हुआ कि उनका बेटा किसी मानसिक तनाव से गुजर रहा था।

उन्होंने बताया कि रंजीत सभी बातें शेयर करता था। डिप्रेशन की दवाई मिलना चौंकाने वाली बात है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी परिसर में ही कोई घटना हुई है।

रंजीत हमेशा खुश रहता था। मगर ऐसा क्या हुआ कि वह तनाव में आ गया और डिप्रेशन की दवा लेनी पड़ी। छात्रों और परिजनों की मानें तो वह दूसरे के दुख में हमेशा साथ रहता था और सभी को हंसाने वाला इंसान था।

यूनिवर्सिटी में पिछले दिनों हुए सेमेस्टर एग्जाम में कुछ पेपर अच्छे नहीं हुए। उसे कम अंक मिलने की आशंका थी। उसके सहपाठियों ने बताया कि अपने स्कोर को लेकर वह अक्सर परेशान रहता था।

विश्वविद्यालय के डायरेक्टर ध्रुव गलगोटिया ने बताया कि रंजीत मानसिक तनाव में था। डॉक्टर की सलाह पर उसका इलाज चल रहा था, लेकिन ऐसी घटना होना दुखद है। संस्थान ने पुलिस को सूचना देकर अपनी एंबुलेंस से शव हॉस्पिटल भेजा।
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