चुनाव प्रचार के आखिरी दौर में बसपा सुप्रीमो मायावती ने दिल्ली में चुनावी रैली की। सोमवार दोपहर बाद सुल्तानपुरी के इंदिरा पार्क स्थित जलेबी चौक पर जहां कांग्रेस-भाजपा और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा वहीं, बसपा को देश की तरक्की का इकलौता विकल्प बताया।
समर्थकों की भीड़ में मायावती ने प्रत्याशियों को जिताने की अपील की। विधानसभा चुनाव में बसपा से दूर होते वोट बैंक की चिंता मायावती के संबोधन में दिखी।
उन्होंने कहा कि पार्टी ने बड़ी मेहनत से दिल्ली के शोषित और पिछड़े तबके को एक साथ जोड़ा है। हमारी कोशिश सर्वजन हिताय की है।
नेताओं को दी नसीहत
पार्टी नेताओं को नसीहत देते हुए मायावती ने कहा कि सबकी जिम्मेदारी है कि मतदाता हमारी नीतियों और कार्यों से निराश न होने पाएं। उनके विश्वास को कायम रखने केलिए पार्टी प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं को कड़ी मेहनत करनी होगी।
इस दौरान मतदाताओं को भरोसा दिलाया कि पार्टी वोट काटने के लिए नहीं, जीतने के लिए लड़ रही है। कुछ लोग गलतफहमी फैला रहे हैं कि बसपा के प्रत्याशी मैदान छोड़ देंगे। लेकिन पार्टी ने बहुत सोच-समझकर टिकट दिया है।
मायावती इससे पहले करीब सात बजे जलेबी चौक के रैली स्थल पर पहुंचीं। मंच पर उस समय सभी प्रत्याशी मौजूद थे। समर्थक चार बजे से ही रैली स्थल पर पहुंचने लगे थे।
माया ने गिनाईं विरोधियों की कमियां
मायावती ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में गरीब और पिछडे़ लोगों की हालत और खराब हुई है। इसलिए इस बार मतदान कांग्रेस के विरोध में पड़ेगा।
वहीं, भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सांप्रदायिकता के भरोसे वह सत्ता का ख्वाब देख रही है। उसके नेता देश को बांटने का काम कर रहे हैं। देश की जनता इसे समझ गई है।
आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए मायावती ने कहा कि ‘आप’ को सरकार चलानी नहीं आती। मौका मिलने के बाद भी वह उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सकी। अपनी सरकार में ही वह विरोधी के भूमिका में उतर आई थी। ऐसे में ‘आप’ को वोट देना अपना वोट गंवाने के बराबर है।