आम आदमी पार्टी (आप) दिल्ली की चुनावी बिसात पर अपने हारे मोहरों पर भी दांव लगा सकती है। लोकसभा चुनाव के उम्मीदवार आप के टिकट चुनावी जंग में उतर सकते हैं। पार्टी की कोशिश है कि पिछली बार की तरह सरकार बनाने की हालत में अनुभवी व समझदार लोगों का टोटा न पड़े।
सूत्र बताते हैं कि प्रो. आनंद कुमार, आशुतोष, जरनैल सिंह, आदर्श शास्त्री टिकट की दावेदारी में बढ़त बनाए हुए हैं। आप ने चारों को लोकसभा चुनाव में आजमाया था। लेकिन मोदी लहर में इनकी दाल नहीं गल सकी।
दरअसल, 49 दिनों की आप की सरकार में अनुभवी चेहरे कम थे। ज्यादातर उम्मीदवारों की कोई सियासी पृष्ठभूमि नहीं थी। यहां तक कि मंत्री बनाने में भारी माथापच्ची करनी पड़ी थी। पार्टी यह गलती नहीं दोहराना चाहती। लिहाजा सियासी समझ रखने वाले चेहरों पर दांव लगाने की तैयारी है।
पार्टी इसके लिए बीते कई दिनों से लोकसभा उम्मीदवारों के प्रर्दशन को परख रही है। दिल्ली के साथ देश-भर के नामचीन चेहरों का हार के बाद पार्टी के प्रति निष्ठा व आम लोगों में सक्रियता को देखा जा रहा है।
इन चार दावेदारी की दावेदारी सबसे मजबूत
इनमें चार चेहरों ने बढ़त हासिल कर रखी है। सूत्र बताते हैं कि लोकसभा चुनाव में उत्तर पूर्वी दिल्ली संसदीय सीट के उम्मीदवार रहे प्रो. आनंद कुमार, चांदनी चौक से आशुतोष, पश्चिमी दिल्ली से जरनैल सिंह व यूपी केइलाहाबाद से आदर्श शास्त्री का नाम सबसे आगे है। इसके अलावा उत्तर पश्चिमी दिल्ली संसदीय सीट से चुनाव लड़ चुकी राखी बिडलान को भी टिकट मिलना तय है।
सूत्रों की मानें तो प्रो. आनंद कुमार व आदर्श शास्त्री को उत्तर पूर्वी दिल्ली की किसी विस सीट से आजमाया जा सकता है। वहीं, जरनैल सिंह को पंजाबी बहुल व आशुतोष को पूर्वी दिल्ली की किसी सीट से उतारा जा सकता है।
राखी बिडलान अपनी पुरानी सीट मंगोलपुरी से दावेदारी करेंगी। इस बारे में पार्र्टी के एक पदाधिकारी ने बताया कि सभी तरह की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। कुछ दिनों में उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी जाएगी।
संजय सिंह व अलका लांबा भी चर्चा में
पार्टी अपने दूसरे नेताओं को चुनाव में उतार सकती है। वरिष्ठ नेता संजय को पश्चिमी दिल्ली की किसी पूर्वांचल बहुल सीट से उतारा जा सकता है। वहीं, कांग्रेस छोड़कर आप में शामिल हुई अलका लांबा को राजौरी गार्डन से टिकट मिलने की संभावना है। जरूरी हुआ तो आशीष खेतान को भी टिकट दिया जा सकता है।
जंतर मंतर से दिल्ली संवाद शुरू करेगी ‘आप’
आम आदमी पार्टी मतदाताओं को लामबंद करने की कोशिश में जुट गई है। पार्टी ने 15 नवंबर को दिल्ली के जंतर मंतर से दिल्ली संवाद शुरू करने की घोषणा की है। पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल का दावा है कि 49 दिन की उसकी सरकार चुनावी वादों पर खरी उतरी थी। उनके मुताबिक, इससे दिल्ली वासियों का उनकी पार्टी पर यकीन बढ़ा है।
उन्होंने दावा आगामी चुनाव में पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने का दावा किया है। केजरीवाल बुधवार को कांस्टीट्यूशन क्लब में मीडिया से बात कर रहे थे। उनके अनुसार इस बार भी चुनावी घोषणा पत्र वादों का पुलिंदा नहीं होगा। बल्कि पांच साल के लिए आप की सरकार का मार्गदर्शक बनेगा। आम लोगों की सलाह पर योजनाएं तैयार होंगी।
केजरीवाल ने बताया कि उनकी पार्टी दिल्ली के विकास का खाका तैयार करेगी। साथ ही इन्हें पूरा करने का समय भी तय होगा। इन्हें पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र में शामिल किया जाएगा।
केजरीवाल के मुताबिक, इससे पहले समाज के अलग-अलग तबकों से बात करने के साथ विशेषज्ञों की सलाह भी ली जाएगी। इस दौरान पांच साल की सरकार के लिए 50 बिंदुओं को दृष्टि पत्र तैयार होगा।
इसमें सभी तबकों की समस्याओं को समाधान करने की कोशिश होगी। मसलन, बातचीत में युवाओं, महिलाओं, व्यापारियों, कारोबारियों, उद्यमियों, गांवों, अनधिकृत कॉलोनियों, जेजे क्लस्टर समेत सभी समूह शामिल होंगे। इनसे स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास, स्वच्छता, रोजगार, परिवहन, सामाजिक न्याय, महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा जैसे मुद्दे पर चर्चा होगी।
ये हैं दिल्ली डायलॉग में होंगे 8 कार्यक्रम
पार्टी नेता आशीष खेतान ने बताया कि आम लोगों से संवाद के लिए एक कमेटी बनाई गई है। इसमें उनके अलावा बैंकर मीरा सान्याल और आदर्श शास्त्री शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 15 नवंबर को जंतर मंतर पर दोपहर 2 बजे से युवाओं की समस्याओं, उनकी जरूरतों और उम्मीदों से जुड़े मसलों पर बात होगी।
इसके बाद 26 नवंबर को महिला सुरक्षा से जुड़े मसले पर बात होगी। इसी तरह आगे छह और कार्यक्रम होंगे। इसके आधार पर पांच साल के विकास का मसौदा तैयार होगा।
ठेकेदारी प्रथा खत्म करने का केजरीवाल ने किया दावा
अरविंद
केजरीवाल ने अस्थायी शिक्षकों व कर्मचारियों का लामबंद करने के लिए एक बार
फिर दांव चला है। केजरीवाल का दावा किया है कि आप की सरकार बनने पर दिल्ली
में ठेके के सभी कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा। केजरीवाल के मुताबिक,
49 दिन की सरकार में अस्थाई शिक्षकों को स्थाई करने के लिए एक कमेटी बनाई
गई थी।
इसने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में करीब 36 हजार अस्थाई
शिक्षकों को स्थाई करने की सिफारिश की गई है। इस बार आप की सरकार बनने पर
इसे लागू किया जाएगा। साथ ही दिल्ली में अलग-अलग क्षेत्रों में ठेके पर काम
करने वाले करीब 1.50 कर्मचारियों को स्थाई होंगे।
इस
दौरान केजरीवाल ने आरोप लगाया कि दिल्ली में कांग्रेस की सरकार अपने
ज्यादातर कामों को ठेके पर करवा रही थी। वहीं, पिछले सात सालों से एमसीडी
पर काबिज भाजपा भी इसी नक्शे कदम पर चल रही है। इस मामले में दोनों
पार्टियों की नीति में कोई फर्क नहीं है। लेकिन आप की सरकार बनने पर
ठेकेदारी पूरी तरह खत्म होगी।
केजरीवाल का दावा है कि मौजूदा सूरत में आप
पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है। पार्टी का सर्वे बताता है कि
चुनाव में 45 सीटों पर आप की जीत पक्की है। पार्टी की कथनी-करनी में काई
फर्क नहीं है। आम दिल्लीवासियों को यह बात बखूबी पता है। इससे दिल्लीवासी
इस बार आप को पांच साल तक सरकार चलाने का मौका देंगे।