फिरोजशाह कोटला मैदान में टी-20 विश्वकप क्रिकेट मैच का सेमीफाइनल करवाने पर एक बार फिर संकट के बादल छा गए हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट संघ पुराने क्लब हाउस (आरपी मेहरा ब्लॉक) की मंजूरी न मिलने पर मैच को किसी अन्य राज्य में स्थानांतरित कर सकता है। इसी डर के चलते दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) ने एक बार फिर हाईकोर्ट की शरण ली है।
गौरतलब है कि स्टेडियम के 100 मीटर के दायरे में बनी बावली के कारण हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपना रखा है। मुख्य न्यायाधीश जी. रोहिणी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने हाल ही में स्पष्ट कर दिया था कि जब तक इस ब्लॉक में हुए अनाधिकृत निर्माण को हटाया नहीं जाता, वे इस ब्लाक में मैच की इजाजत नहीं दे सकते।
इसके बाद अन्य तीन ब्लॉक की साउथ एमसीडी से मंजूरी के बाद डीडीसीए ने टी-20 मैच करवाने आरंभ कर दिए हैं। वहीं, आरपी मेहरा ब्लॉक के खाली रहने के कारण कई सवाल उठे हैं।
नहीं तो बंगलौर शिफ्ट हो जाएगा सेमीफाइनल
फिरोजशाह कोटला स्टेडियम
अब आशंका जताई जा रही है कि यदि इस ब्लॉक में दर्शकों के बैठने की व्यवस्था नहीं हुई, तो सेमीफाइनल बंगलूरू स्थानांतरित हो सकता है। सेमीफाइनल मैच 30 मार्च को तय है।
डीडीसीए ने आरपी मेहरा ब्लॉक के लिए प्रमाण पत्र जारी करने की मांग को लेकर न्यायमूर्ति एके पाठक के समक्ष याचिका दायर की। उन्होंने याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि इस मुद्दे को लेकर पहले से ही दो सदस्यीय खंडपीठ के समक्ष सुनवाई विचाराधीन है। ऐसे में वे याचिका को वहीं स्थानांतरित कर रहे हैं।
इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति डॉ. एस मुरलीधर व न्यायमूर्ति विभू बाखरू के समक्ष मंगलवार को होगी। यह खंडपीठ पहले ही डीडीसीए को किसी भी प्रकार की राहत प्रदान करने से इनकार कर चुकी है।
तर्क कई बार मैच करवाने की इजाजत दी गई है
फिरोजशाह कोटला पर संकट के बादल
डीडीसीए की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप सेठी और राजीव नायर ने अदालत को बताया कि आरपी मेहरा ब्लॉक वर्ष 1996 के बाद से है और कई बार मैच करवाने की इजाजत दी गई है।
अधिवक्ता सेठी ने कहा कि इस ब्लॉक की वजह से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद चिंतित है और डीडीसीए से स्पष्टीकरण मांग रहा है। इस ब्लॉक की मंजूरी के लिए साउथ एमसीडी को निर्देश जारी किया जाए।
उन्होंने कहा कि एमसीडी हमें परेशान कर रही है। न्यायमूर्ति मुद्गल ने बीसीसीआई को जो पत्र लिखा है, वह खेदजनक है। उन्होंने मास्टर प्लान 2011 का हवाला देते हुए कहा कि अब आरपी मेहरा ब्लॉक को अवैध या अनाधिकृत नहीं ठहराया जा सकता है।