यमुना और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र का हिस्सा होने के चलते दनकौर और बिलासपुर कस्बों में 2017 के निकाय चुनाव पर रोक लग सकती है। चुनाव न होने के चलते दोनों कस्बों को जन सुविधाएं देने की जिम्मेदारी संबंधित प्राधिकरण की होगी।
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्रों को औद्योगिक नगरी घोषित होने के बाद पंचायत चुनाव नहीं हुए। यमुना प्राधिकरण के 80 गांवों में पंचायत चुनाव होने के बावजूद ग्राम पंचायतों का गठन नहीं हो सका है। पंचायत चुनाव को लेकर मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इस क्षेत्र में पंचायतों का अस्तित्व नहीं रहा।
वहीं यमुना और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में दनकौर और बिलासपुर कस्बा भी आते हैं। दोनों कस्बों के अधिसूचित क्षेत्रों में हैं। कस्बे में अधिसूचना के तहत नगर निकाय का गठन नहीं हो सकता। हालांकि इस संबंध में शासन से अभी कोई शासनादेश और दिशा निर्देश नहीं हुए लेकिन सूत्रों का कहना है कि जिस तरह अधिसूचित क्षेत्र के गांवों में पंचायत चुनाव नहीं हुए उसी तरह निकाय चुनाव भी नहीं हो सकते। 2017 में निकाय चुनाव है। जनपद के बिलासपुर और दनकौर कस्बों में निकाय चुनाव नहीं होंगे।
दादरी नगर नहीं है इस दायरे में
जनपद का दादरी नगर गाजियाबाद प्राधिकरण का हिस्सा है। गाजियाबाद प्राधिकरण में शामिल होने के चलते वह औद्योगिक नगरी का हिस्सा नहीं है। दादरी ग्रेटर नोएडा का हिस्सा नहीं होने के चलते दादरी में निकाय चुनाव के बाद नगर पालिका परिषद बोर्ड का गठन होगा। बोर्ड के द्वारा ही नगर के विकास और सुविधाएं दी जाती रहेगी।
शासन से अभी नहीं कोई निर्देश
इस संबंध में शासन से अभी कोई निर्देश नहीं है। शासन से जो भी निर्देश मिलते है उनके मुताबिक कार्य होगा।
- एनपी सिंह, जिलाधिकारी