आए दिन आ रही आंधी और बारिश से भले ही गर्मी में कमी आने से राहत मिल रही हो, लेकिन इसके दूरगामी परिणाम अच्छे नहीं हैं। इससे पूरा ऋतु चक्र गड़बड़ाने का खतरा विशेषज्ञों को सताने लगा है।
बारिश होने से तापमान में करीब 10 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। इससे मानसून में देरी होने और उसके कमजोर होने की आशंका गहराने लगी है।
मौसम में सामंजस्य को स्वस्थ प्राकृतिक व्यवस्था का आधार माना जाता है। इससे ऋतुएं समय पर आती है और नियत रहती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार बढ़ते प्रदूषण और प्रकृति से छेड़छाड़ से ऋतु चक्र गड़बड़ा गया है।
प्रकृति से छेड़छाड़ का असर मौसम पर साफ दिखाई देने लगा है। गर्मियों में तापमान ज्यादा रहने और गर्मी ज्यादा पड़ने से मानसून भी अच्छा रहता है। यानी हवाओं के दबाव से ताकतवर मानसून उठता है और वह समय पर आकर भरपूर बारिश करता है।