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PayTm मामला: रंगदारी के पैसों से बिजनेस करना चाहती थी सोनिया, बॉस की कमाई से ललचाई थी

Tue, 23 Oct 2018 06:44 AM IST
मनोज कुमार, अमर उजाला, नोएडा
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रूपक जैन, सोनिया धवन और देवेंद्र - फोटो : अमर उजाला
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आर्थिक दौर के इस युग में रिश्ते और भरोसा मायने नहीं रखता है... पेटीएम कंपनी के मालिक शर्मा बंधुओं की निजी सचिव सोनिया ने यह साबित कर दिया। मालिकों की कमाई देखकर उसके मन में लालच जागा, फिर पति और एडमिन के साथ मिलकर साजिश रची। रुपये के लालच ने 7-8 साल पुरानी वफादारी पर पानी फेर दिया। कंपनी मालिकों की मानें तो उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा था कि उनकी कंपनी की निजी सचिव सोनिया इस तरह की वारदात को अंजाम दे सकती है। हालांकि उनकी सेक्रेटरी में पैसा कमाने की ललक थी और वह कुछ ऐसा काम करना चाहती थी जिससे लोग उसे याद करें।

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दरअसल, सेक्रेटरी सोनिया का पति रूपक जैन कमाने के मामले में फेल था और कुछ खास नहीं कर पा रहा था। घर के खर्चे और फैशन आदि पर भी सोनिया के द्वारा ही कमाए पैसे पर ही मौज करता था। कई बार सोनिया ने एडवांस भी रुपये लिए थे और उस समय पति के द्वारा रुपये खर्च करने की बात कही थी। कंपनी के सूत्रों का दावा है कि सोनिया और उसके पति के बहुत ही अनाप शनाप खर्चे थे और इस कारण वह तनाव में आ जाती थी।

कर्मचारी होने के नाते हुए कई बार समझाया गया था। सोनिया पति के साथ प्रतीक लोरियल सोसायटी में रहती थी। जबकि एडमिन देवेंद्र शहदरा गांव में किराए पर रहता था। सोनिया ने पूरी जानकारी एकत्र तो कर ली लेकिन बिना देवेंद्र के वह वारदात को अंजाम देने में अपने आप को कमजोर महसूस कर रही थी। इसलिए देवेंद्र को अपने जाल में शामिल करते हुए कहा कि कब तक यह नौकरी करते रहोगे। क्यों न ऐसी योजना बनाए कि वह भी पेटीएम की तरह ही कोई कंपनी चालू कर दें। जिससे वह भी पेटीएम के मालिकों की तरह बन सकें। सोनिया और उसके पति रूपक जैन ने उसको समझाया तो वह भी लालच में आ गया।

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'तुम केवल रंगदारी मांगो और अपने खाते में डलवाओ'

सेक्टर-6 में पेटीएम कार्यालय
देवेंद्र ने ही अपने एक पुराने मित्र को इस वारदात में शामिल किया। उसे केवल इतना कहा कि वह सिर्फ रंगदारी मांगे और रुपये को अपने अकाउंट में डलवाए। अकाउंट भी किसी फर्जी आईडी से खुलवाने की बात सामने आ रही है। हालांकि रोहित चोमल को रंगदारी मांगने और खाते में डलवाने के एवज में 20 फीसदी तक कमीशन देने का वादा किया गया था। इसलिए वह भी इनके साथ हो गया। पुलिस सूत्रों की माने तो सोनिया और रूपक ने रोहित चोमल को सुझाव दिया था कि वह किसी दूसरे शहर या देश के नंबर से व्हाटसऐप के माध्यम से रंगदारी के लिए कॉल करें।

मालिकों को अहसास नहीं होने दिया
रंगदारी की कॉल के बारे में शेखर बंधुओं द्वारा जब चर्चा की जाती थी तो सोनिया बडे़ गंभीर होकर इस पर उनके साथ बातें करती और एक से एक तरह के सुझाव देती। कई बार सोनिया ने कहा था कि वह बदमाशों को रुपये भेज दें अगर उन्होंने रुपये नहीं भेजे तो उनके ग्राहकों का विश्वास भी टूट जाएगा। जिससे बिजनेस में कॉफी नुकसान हो सकता है। कई बार सोनिया की इस तरह की बातों को देखकर कंपनी मालिकों को उस पर अधिक विश्वास हो जाता था। मगर सोनिया इधर से हुई बातों को देवेंद्र, रूपक और रोहित से चर्चा करके फिर से कॉल कराती और दबाव में लेती थी। सूत्रों की माने तो सोनिया ने पहली बार 67 हजार रुपये डलवाए थे और फिर 2 लाख रुपये भी उसी की मौजूदगी में डाले गए थे।

पेटीएम मालिक, अजय शेखर शर्मा ने बताया कि, सचिव सोनिया धवन ने एडमिन देवेंद्र कुमार व अपने पति रूपक जैन के साथ मिलकर उनकी व उनके भाई के मोबाइल व लेपटॉप का सीक्रेट डाटा चोरी कर लिया। जबकि कंपनी की ओर से पूरा विश्वास करके उन्हीं के पास सभी सीक्रेट डाटा के पासवर्ड थे। उनके द्वारा अगर डाटा लीक कर दिया जाता तो कंपनी को काफी नुकसान उठाना पड़ सकता था। इसलिए 15 अक्तूबर को दो लाख रुपये रंगदारी के रूप में दिए जा चुके थे। जबकि 20 करोड़ की रंगदारी मांगी गई थी और 10 करोड़ रुपये उसी समय जमा कराने का दबाव बनाया जा रहा था।

एसएसपी गौतमबुद्घनगर, डॉ. अजयपाल शर्मा का कहना है कि, पेटीएम कंपनी के मालिक से 20 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने की शिकायत सोमवार को मिली थी। तत्काल रिपोर्ट दर्ज कराई गई और उसके बाद कंपनी की निजी सचिव सोनिया, उसके पति रूपक जैन और कंपनी के एडमिन देवेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों की रिमांड की अर्जी अदालत में डाली जाएगी। जिससे उनको पूछताछ करने के लिए रिमांड पर लिया जा सके।
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