पीड़िता के ताऊ कृपाशंकर व पिता दयाशंकर ने आरोप लगाया है कि शिल्पा पर धारदार हथियार से हमला किया गया लेकिन पुलिस ने आरोपियों को छोड़ दिया। वहीं, आरोपी परिवार इलाके में दबंग है उन्होंने पूरे परिवार को जाने से मारने की धमकी दी थी, जिससे शिल्पा डर गई थी। इसके चलते उसने आत्मघाती कदम उठाया है। परिवार का आरोप है कि उनके घर से महज 50 मीटर की दूरी पर पुलिस चौकी है, लेकिन उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस इन आरोपों से इंकार कर रही है।
आरोपी परिवार का आरोप, शादी के लिए बना रही थी दबाव
आरोपी पड़ोसी संजय तिवारी ने बताया कि उसके भाई अमर व शिल्पा के बीच काफी समय से दोस्ती थी। संजय का आरोप है कि शिल्पा शादी का दबाव बना रही थी, जिसके लिए उसका भाई तैयार नहीं था। एक सप्ताह से शिल्पा उसके भाई के मोबाइल पर कॉल कर रही थी। लेकिन अमर कॉल नहीं उठा रहा था। संजय ने बताया कि रविवार शाम को वह अपने भाई के साथ गांव जा रहा था। इस बीच शिल्पा ने ऊपर से उनके ऊपर ईंट से हमला किया, जिससे हेलमेट टूट गया लेकिन वह बच गया। इसको लेकर झगड़ा भी हुआ था। संजय ने घर में घुसकर हमला करने के आरोप से इंकार किया है।
लापरवाही के झूठे आरोप लगा रहा है परिवार: पुलिस
उत्तरी जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कहना है कि पहली बार जब झगड़ा हुआ तो पुलिस उस समय भी मौके पर पहुंची थी। दूसरी बार पुलिस मौके पर पहुंची तो शिल्पा ने एमएलसी कराने से इंकार कर दिया। बाद में समझाने पर वह तैयार हो गई। पुलिस ने जब पीड़िता का बयान लेने के लिए कहा तो लड़की के परिवार ने सोमवार सुबह बयान देने की बात कही थी। इसलिए कॉल को पेंडिंग में रखा गया था। अब लड़की की मां प्रेम कुमारी की शिकायत पर आरोपी परिवार के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया गया है।