शनिवार से पूरी दिल्ली के एक-एक घर में कोरोना संक्रमितों की पहचान के लिए बड़े पैमाने पर टेस्टिंग शुरू कर दी गई। लक्ष्य तय किया गया है कि छह जुलाई तक दिल्ली के हर घर का सर्वे कर संक्रमितों की अब तक की सही स्थिति का आकलन कर लिया जाए, जिससे राजधानी में कोरोना संक्रमण बढ़ने की और अधिक रफ्तार को रोका जा सके।
इसके साथ-साथ कंटेनमेंट जोन के इलाकों में चल रही टेस्टिंग की प्रक्रिया भी जारी है। इससे रोजाना तीन हजार से चार हजार के बीच कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ रही है। मास टेस्टिंग के लिए स्वास्थ्यकर्मी सघन बस्तियों में भी दौरा कर रहे हैं।
रणनीति अपनाने के साथ ही राजधानी में प्रतिदिन कोरोना टेस्टिंग की संख्या लगभग पांच हजार से बढ़ाकर 20 हजार तक कर दी गई है। केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक़ राजधानी में प्रति दस लाख की आबादी पर 24,141 टेस्ट किये जा रहे हैं, जो देश में सबसे ज्यादा टेस्ट करने वाले राज्यों में से एक है। राजधानी में कुल कोरोना टेस्ट की संख्या 4,78,336 तक पहुंच गई है।
माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनेंगे
टेस्टिंग के साथ ही जैसे-जैसे मामले बढ़ते जा रहे हैं, राजधानी में कंटेनमेंट जोन की संख्या भी बढ़ती जा रही है। शनिवार तक राजधानी में 315 कंटेनमेंट जोन बनाये जा चुके हैं।
लेकिन कोरोना संक्रमण की रफ्तार को रोकने के लिए माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाये जाने की योजना है। इससे मरीजों की गतिविधयों पर ज्यादा बारीकी से निगाह रखी जा सकेगी और इससे कोरोना के प्रसार पर लगाम लग सकेगी।
कुल संक्रमितों की संख्या 80 हजार के पार
राजधानी में शनिवार तक कोरोना संक्रमण के कुल 80,188 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें शनिवार को सामने आये 2948 केस भी शामिल हैं। हालांकि इसी दिन 2210 लोग स्वस्थ भी हुए हैं।
शनिवार को 66 लोगों की कोरोना संक्रमण से मौत दर्ज हुई है। इस प्रकार अब राजधानी में सक्रिय मामलों की संख्या 28329 रह गई है।