पांच बार की विश्व चैंपियन और ओलंपिक पदक विजेता महिला मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले में तीन भार वर्ग के मुकाबले से खफा हैं। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले में केवल तीन भार वर्ग में मुकाबले से प्रतिभा का अपमान होता है। मौजूदा वक्त में इस नियम को बदलने की जरूरत।
मैरीकॉम ने यह बात मंगलवार को अमर उजाला से विशेष बातचीत में कहीं। वह गुड़गांव में एक कार्यक्रम में भाग लेने आई थीं। उल्लेखनीय है कि अंतर्राष्ट्रीय बॉक्सिंग में 51, 60 और 75 किलोग्राम भार में मुकाबला कराया जाता है।
मैरीकॉम का कहना है कि उनके लिए वजन बढ़ाना कोई मुश्किल नहीं है। 51 किलोग्राम भार में खेलने के लिए अपना वजन भी बढ़ाया है। इसके लिए लगातार अच्छी डाइट ले रही हैं, लेकिन केवल तीन भार वर्ग तय करने से प्रतिभाओं का नुकसान हो रहा है।
राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी चूक रहे हैं। 2001 से 2012 तक विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले में मैरीकॉम 41 से 46 किलोग्राम भार वर्ग में खेलती आ रही थी।