दिल्ली हाईकोर्ट ने एम्स को एक संदिग्ध माओवादी का इलाज करने का निर्देश दिया है। संदिग्ध माओवादी को ब्रेन ट्यूमर है और एम्स में ऑपरेशन करने आया है।
कल जस्टिस विभू बखारू ने दिल्ली पुलिस और एम्स के मेडिकल ऑथारिटी को जल्द इलाज करने को कहा है। जस्टिस ने विचाराधीन 38 साल के चंदन देवनाथ का जल्द इलाज करने को कहा है। ताकि उस पर चल रहे मुकदमे की कारवाई हो सके।
कोर्ट ने यूनियन फॉर डेमोक्रेटिक राइट द्वारा दी गई अर्जी के आधार पर कहा है कि उसकी हालत बुरी है सुधार के लिए उसे मेडिकल सुविधा दी जाए।
झारखंड पुलिस ने इस बात की आलोचना की है कि देवनाथ को हौज खास पुलिस स्टेशन के बरामदे में रखा जाता है। उसे तिहाड़ में इसलिए नहीं रखा गया क्योंकि उसके कुछ जरूरी प्रशिक्षण के लिए सुबह दोबारा अस्पताल आना था।