गांव मोहना के परिवार नियोजन शिविर में ऑपरेशन के बाद महिला की मौत पर स्वास्थ्य विभाग ने लीपापोती शुरू कर दी है। घटना के चार दिन बाद भी विभाग ने किसी डॉक्टर या स्टाफ से पूछताछ नहीं की गयी, जबकि पुलिस ने दो डॉक्टरों पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है।
ज्ञात हो कि 28 नवंबर को शिविर में ऑपरेशन करवाने के एक घंटे के अंदर गांव मोहना निवासी राजबाला की मौत हो गई थी। परिजनों ने विभाग के रवैये को देखकर प्रदर्शन किया तो विभाग ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं की गई। सूत्रों के अनुसार, मामला उजागर होने के बाद मुख्यालय से आए दो डॉक्टरों ने मोहना केंद्र पर जाकर कुछ बातचीत की है। लेकिन क्या बात की है, केंद्र के स्टाफ ने क्या बताया है, इसकी जानकारी केवल अधिकारियों को है। इस पर कोई भी बात करने को तैयार नहीं है।
सिविल सर्जन डॉ. गुलशन अरोड़ा ने बताया कि विसरा जांच के लिए रोहतक भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण स्पष्ट हो पाएंगे। बीके में हुए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में ऐसा कोई कारण नहीं था जो लापरवाही का केस साबित करता हो। मृतका के पति सुखबीर ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी की मौत डॉक्टर की लापरवाही से हुई है। इसके लिए वह कानूनी कार्रवाई जरूर करेगा।