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मनोज वशिष्ठ एनकाउंटर में शुरू भी नहीं हुई जांच, जानिए वजह

Sat, 04 Jul 2015 11:25 PM IST
पुरुषोत्तम वर्मा/अमर उजाला, नई दिल्ली
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बागपत, यूपी के मनोज वशिष्ठ एनकाउंटर मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा उगाही के कथित आरोपों की जांच अभी तक शुरू नहीं हो पाई है।
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इसकी वजह ये है कि दिल्ली पुलिस की विजिलेंस ब्रांच के सामने मनोज वशिष्ठ का परिवार बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचा है। विजिलेंस ब्रांच के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इसके लिए परिवार को कई बार बुलाया जा चुका है।

फोन भी किए गए और नोटिस भी भेजे गए हैं। ताजा नोटिस तीन दिन पहले भेजा गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बयान दर्ज होने के बाद ही आरोपों की जांच शुरू हो पाएगी।
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गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा राजेन्द नगर के सागर रत्नी रेस्तरां में किए गए कथित एनकाउंटर में बागपत का मनोज वशिष्ठ 16 मई को मारा गया था।
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परिवार ने लगाए हैं पुलिस पर आरोप

इस एनकाउंटर के बाद मनोज वशिष्ठ के परिजनों ने आरोप लगाया था कि स्पेशल सेल के पुलिसकर्मी मनोज वशिष्ठ से उगाही करने के प्रयास में लगे हुए थे।

मनोज के परिजनों के उगाही के आरोपो की जांच के लिए दिल्ली पुलिस आयुक्त भीम सेन बस्सी ने विजिलेंस जांच के आदेश दिए थे।

एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मनोज के परिवार ने जिन पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाए थे या फिर एनकाउंटर करने वाली पुलिस टीम में शामिल सभी पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज हो गए हैं।

विजिलेंस ब्रांच ने सभी पुलिसकर्मियों को बुलाकर अलग-अलग बयान दर्ज किए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार पुलिसकर्मियों ने अपने बयान में मनोज के परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों से इनकार किया है।
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एसआईटी भी कर रही है जांच

इन पुलिसकर्मियों के बयान जून महीने के शुरूआत में ही हो गए थे। दूसरी तरफ मनोज वशिष्ठ के साले दिवांकर का कहना है कि  पुलिस ठीक जगह नोटिस नहीं भेज रही है।

पुलिस उनकी मां के पास राजेंद्र नगर नोटिस भेज रही है जबकि मनोज की पत्नी प्रियंका पावला गांव, बागपत में रहती हैं। उसकी मां ने पुलिस को नोटिस का जवाब दे दिया है कि पुलिस प्रियंका से संपर्क करे।

उसका पता व अन्य जानकारियों दे दी गई हैं। गौरतलब है कि मनोज एनकाउंटर मामले में विजिलेंस जांच के अलावा एसआईटी और एसडीएम भी जांच कर रहे हैं।
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