मंचन में प्रसिद्ध अभिनेत्री भाग्यश्री (वेदमाती), राहुल भूचर (राम), अनिमेष (हनुमान), वेद सागर (भारत), राजा मुराद (अहिरावण), ममता जैन (सीता), रूबी चौहान (मेघनाथ), विनय (कुंभकरण), अमिता नांगिया (मंदोदरी) आदि मंचन करेंगे।
रावण की भूमिका जाने-माने अभिनेता मनीष शर्मा निभाएंंगे। नई दिल्ली में बुधवार को मीडिया से बात करते हुए कमेटी के अध्यक्ष सुभाष मलिक और महासचिव शुभम मलिक ने बताया कि रामलीला मंचन की तैयारी पूरी कर ली गई है। उनकी कमेटी ने राम लला के प्राण प्रतिष्ठा के मद्देनजर रामलीला का विशेष संस्करण कराने का निर्णय लिया है।
प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष व कमेटी के संरक्षक वीरेंद्र सचदेवा कहा कि अयोध्या की रामलीला विश्व की सबसे बड़ी रामलीला है। जबकि पश्चिमी दिल्ली के सांसद प्रवेश वर्मा ने कहा कि भगवान की जन्मभूमि पर उनकी लीला से देशवासियों को ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के लोग रूबरू हो सकेंगे। इस दौरान राम व सीता की भूमिका निभाने वाले कलाकार भी उपस्थित थे। उन्होंने संवाद बोलकर अयोध्या में होने वाले मंचन के स्तर से अवगत कराया।
‘राम के थे, राम के हैं, राम के रहेंगे’ गीत से सराबोर होंगे रामभक्त
राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बीच सांसद मनोज तिवारी का नया गाना ‘राम के थे, राम के हैं, राम के रहेंगे’ भक्ति गाना रिलीज हुआ। दिलचस्प बात यह है कि खबर लिखें जाने तक पांच लाख से अधिक लोगों ने इस गाने को यूट्यूब चैनल पर देख भी लिया। यह गाना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
इस गाने को लांच करने के मौके पर तिवारी ने बताया कि यह पूर्वांचल और हरियाणा के संगम वाला भक्ति गाना है क्योंकि उनका साथ गाने में अमित व शीतल ने दिया है। अमित ढुल ने ही लिखा है जबकि इसके संगीतकार आरके क्रू हैं। दुनियाभर में प्रभु राम के भक्तों को 22 जनवरी का इंतजार है। ें रामलला के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को अब महज 10 दिन बचे हैं। इसे लेकर हर तरफ नये-नये गानों की रचना विभिन्न भाषाओं में रची जा रही है। हर दिन एक गाने को चुन कर प्रधानमंत्री एक्स पर पोस्ट भी शेयर करते है। भगवान राम को समर्पित यह गीत पूरी तरह से आस्था में डूबा हुआ है। वीडियो में गाने के बैकग्राउंड में भगवान की छवि इस गीत में चार चांद लगाने वाला है। एक छोटे बच्चे का तिलक लगाने का क्रेज देखते ही बनता है। इस मौके पर तिवारी ने कहा कि राम के है, राम के थे... पर हमें गर्व है।
हम इस बात से भी गौरवान्वित हैं कि सनातन धर्म और रामचरितमानस की परंपरा से आते हैं। हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक समृद्ध विरासत है। भगवान राम की महिमा अलौकिक है और उनके आगमन से पूरा देश हर्षित है। ऐसा लग रहा है कि कलयुग समाप्त हो रहा है।