इससे एक दिन पहले ही 530 दिन जेल में रहने के बाद भी दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया खुलकर बोले। जेल से छूटने के बाद वह पार्टी की गतिविधियों में तेजी से शामिल हो गए हैं और इस बार के चुनाव में पार्टी को एक बार फिर ऐतिहासिक जीत दिलाना उनका लक्ष्य है।
एक साक्षात्कार के दौरान मनीष सिसोदिया ने कहा कि निश्चित रूप से यह समय मेरे लिए और परिवार के लिए बहुत कष्ट कर रहा है। हमने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि कभी ऐसी परिस्थिति का भी सामना करना पड़ेगा, लेकिन जब आप राजनीति में हों और ऐसे लोगों के दौर में हों, जहां राजनीतिक बदला लेने के लिए कोई कुछ भी करने पर उतारू हो तो कुछ भी हो सकता है। यदि आप पहले के मनीष और आज के मनीष में अंतर की बात कर रहे हैं तो यही कह सकता हूं कि आज मैं अपने आपको मानसिक तौर पर कहीं ज्यादा मजबूत पाता हूं।
साथ ही पार्टी में अपनी भूमिका को लेकर कहा कि जब आप जनता के कार्य करने को अपने जीवन का मिशन बनाते हैं तो आपके लिए पद जैसी चीज बहुत महत्त्वपूर्ण नहीं रह जाती। आप जहां भी होंगे, जिस भूमिका में भी होंगे, जनता की सेवा करते रहेंगे। मैं वही करने की कोशिश कर रहा हूं। हमारे सामने दिल्ली विधानसभा चुनाव हैं। इसे देखते हुए 14 अगस्त से मैं एक बार फिर से जनता से जुड़ने के अभियान पर निकल रहा हूं। पार्टी या संगठन में मेरी भूमिका क्या होगी, यह पार्टी निर्धारित करेगी।