गोपाल राय बोले, लोकतंत्र को भाजपा से खतरा
दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय ने भी दोहराया कि सीबीआई की दस हजार पेज की चार्जशीट में भाजपा के कथित आरोपी नंबर वन मनीष सिसोदिया का नाम नहीं है। जबकि देश भर में सीबीआई और ईडी की 500 से ज्यादा टीमों ने छापेमारी की। भाजपा की केंद्र सरकार के छह महीने के प्रयास के बाद भी मनीष सिसोदिया के खिलाफ कोई सुराग नहीं मिला। बीजेपी का नाम भारतीय झूठी पार्टी है। वह सोचते हैं कि एक झूठ को सौ बार बोलो तो लोग सच मानने लगेंगे। गोपाल राय ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने जिस तरह से देश के सामने सरासर झूठ बोला है। गोपाल राय ने मांग की है कि भाजपा के नेता देश और दिल्ली के लोगों से माफी मांगे। इस तरह से अगर राजनीति का स्तर गिरेगा तो यह लोकतंत्र के लिए भी खतरा है और भारत के भविष्य के लिए भी खतरा है।
सत्यमेव जयते: सौरभ भारद्वाज
आप विधायक सौरभ भारद्वाज ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सत्यमेव जयते। सत्य की जीत हुई है। दिल्ली एक्साइज मामले में सीबीआई ने चार्जशीट दायर की है, जिसमें उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का नाम तक नहीं है। सीबीआई को मनीष सिसोदिया के खिलाफ एक साक्ष्य नहीं मिला। सौरभ भारद्वाज का आरोप है कि दिल्ली के उपराज्यपाल और मुख्य सचिव ने मिलकर दिल्ली सरकार के खि़लाफ षड्यंत्र रचा है। अब सच सामने आ गया है। सौरभ भारद्वाज के मुताबिक, गुजरात और एमसीडी चुनाव में आम आदमी पार्टी को बदनाम करने के लिए भाजपा नेताओं ने कई महीनों से दिन भर झूठे बयान दिए। इतिहास में ऐसा पहली बार है, जिसे आरोपी नंबर एक बताया हो उनका नाम चार्जशीट में नहीं है। जिस शिक्षा मंत्री ने गरीबों के बच्चों को डॉक्टर-इंजीनियर बनाया उस व्यक्ति को भाजपा ने छह महीने गालियां दीं। सौरभ भारद्वाज ने मांग की है कि भाजपा को देशवासियों, दिल्ली के बच्चों और उनके अभिभावकों से माफी मांगनी चाहिए।
भाजपा का फर्जीवाड़ा हुआ उजागर: आतिशी
आप विधायक आतिशी ने कहा है कि पूरे देश के सामने अब साबित हो गया है कि भाजपा पिछले छह महीने से सिर्फ फर्जीवाड़ा कर रही थी। आतिशी के मुताबिक, भाजपा के साथ मिलकर षड्यंत्र करने वाले दिल्ली के मुख्य सचिव और उपराज्यपाल को पद का दुरुपयोग करने पर तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। भाजपा पिछले छह महीने से फर्जीवाड़ा सिर्फ मनीष सिसोदिया, आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल की सरकार को बदनाम करने के लिए कर रही थी। भाजपा ने 100 से ज्यादा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बार-बार मनीष सिसोदिया पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया, लेकिन उनकी सीबीआई कई महीनों की जांच के बाद एक रुपये का भ्रष्टाचार नहीं ढूंढ पाई।