आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे मनीष सिसोदिया ने एक बार फिर लोकसभा चुनाव लड़ने पर अनिच्छा जाहिर की है।
मनीष का मानना है कि पहले दिल्ली को स्वराज मॉडल देने के साथ भ्रष्टाचारमुक्त व्यवस्था भी बनाई जाए।
वहीं, पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल भी कई बार संसदीय चुनाव लड़ने से मना कर चुके हैं।
विरोधियों की वजह से नहीं लड़ेंगे चुनाव!
सूत्रों की मानें तो पहली लिस्ट जारी होने के बावजूद पार्टी का वरिष्ठ नेतृत्व अब भी दोनों नेताओं की चुनावी दावेदारी पर एकमत नहीं है।
पार्टी सूत्र बताते हैं कि केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने विरोधियों की वजह से चुनाव न लड़ने का ऐलान किया है।
उनका का मानना है कि दोनों नेताओं के लोकसभा चुनाव लड़ने से विपक्षियों के उस आरोप को बल मिलेगा कि जानबूझकर दिल्ली सरकार को गिराया गया।
'दिल्ली के सपने कैसे पूरा करूंगा'
मीडिया से बात करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा कि मेरी निजी राय लोकसभा चुनाव लड़ने की नहीं है। अभी तो पटपड़गंज में पानी की समस्या से निपटने की कोशिश कर रहा हूं।
जहां तक चुनाव लड़ने की बात है तो आगे लोकसभा चुनाव है, इसके बाद विधानसभा। अगर चुनाव ही लड़ता रहा तो दिल्ली के सपने को कैसे पूरा करूंगा।
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि यह उनकी निजी राय है, फिर अगर पार्टी चाहती है तो वह पार्टी के फैसले से पीछे नहीं हटेंगे।