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देश के सबसे प्रदूषित शहरों में पहले स्थान पर रहा मानेसर, गुरुग्राम-गाजियाबाद दूसरे नंबर पर

Mon, 09 Nov 2020 06:57 PM IST
Mohit Mudgal अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम
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मानेसर सबसे प्रदूषित शहर - फोटो : अमर उजाला
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दिनों दिन गिरते तापमान के बीच शहर में प्रदूषण की स्थिति अब जानलेवा हो चली है। सोमवार को 482 एक्यूआई के साथ मानेसर प्रदूषण के मामले में पहले पायदान पर रहा।  देशभर के सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों की सूची में गुरुग्राम व गाजियाबाद संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहे। सोमवार को गुरुग्राम का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) जनवरी के बाद सर्वोच्च 482 के स्तर पर पहुंच गया। 

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स्थिति यह रही कि व्यापक धुंध के चलते शाम 5 बजे ही रात का नजारा देखने को मिला। प्रदूषण बढ़ने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार गिरते तापमान, कम होती धूप व वाहनों से निकलने वाले धुएं को प्राथमिक तौर पर जिम्मेदार मान रहे हैं। वहीं, प्रदूषण में बेतहाशा बढ़ोतरी होने के कारण सोमवार को लोगों को आंखों में जलन व सांस लेने में तकलीफ हुई। 

सुबह से शाम तक छाई रही धुंध :
सोमवार को सुबह से ही गुरुग्राम में धुंध की चादर देखने को मिल रही थी। उम्मीद थी कि दिन चढ़ने के साथ ही धूप भी तेज होगी और प्रदूषण में कमी आएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। धूप नहीं खिली और प्रदूषण यथावत रहा। स्थिति यह रही कि सुबह 10 बजे ही शहर में एक्यूआई 482 पर पहुंच गया था। वहीं, सेक्टर-51 इलाके में तो प्रदूषण की स्थिति जानलेवा थी और वहां पर एक्यूआई सीजन में पहली बार 500 पर दर्ज किया गया।
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हर जगह 400 के पार रहा एक्यूआई :
सोमवार को गुरुग्राम में कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं था, जहां हालात थोड़े भी बेहतर रहे हों। वन क्षेत्र में शामिल ग्वाल पहाड़ी में एक्यूआई 450 दर्ज किया गया। वहीं, विकास सदन में एक्यूआई 489 रहा। खास बात यह रही कि दिन ढलने के साथ ही जैसे-जैसे धूप कम हुई वैसे-वैसे प्रदूषण और बढ़ता गया। शाम पांच बजे तो धुंध के हालात यह रहे कि दृश्यता घटकर करीब 300-400 मीटर रह गई। राहगीरों को आंखों में जलन व सांस लेने में तकलीफ की समस्या होने लगी। 

सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल में बढ़े मरीज :
प्रदूषण बढ़ने से सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल की ओपीडी में अब मरीजों की काफी भीड़ बढ़ गई है। खासकर छाती रोग विभाग में रोजाना करीब 50-100 मरीज ज्यादा आ रहे हैं। इनमें भी बुजुर्ग रोगियों की संख्या सबसे ज्यादा है, जो सांस व दमा रोग से ग्रस्त हैं। मालूम हो कि प्रदूषण की दिनोंदिन गंभीर होती स्थिति को देखते हुए नागरिक अस्पताल प्रबंधन ने ओपीडी के समयसीमा बढ़ाकर दोपहर 3 बजे तक कर दी है। वहीं, समयसीमा बढ़ने से मरीजों को भी फायदा मिल रहा है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग अपना इलाज करवा पा रहे हैं।  

डॉक्टर का बयान -
डॉ. नवीन, फिजीशियन, सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल ने बताया कि तापमान घटने से व वाहनों से निकलने वाले धुएं के कारण प्रदूषण बढ़ रहा है। ऐसे में लोगों को सलाह है कि अच्छी क्वालिटी वाला मास्क पहने और कोशिश करें कि सुबह-शाम के समय बेवजह बाहर न निकलें। प्रदूषण के इस दौर में बचाव ही इलाज है। 

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