अनजान निजी वाहन में लिफ्ट लेना एक कबाड़ कारोबारी के लिए खतरनाक साबित हुआ। वाहन सवार बदमाशों ने पीटने के बाद उसके छह लाख रुपये छीन लिए और जंगल में छोड़कर फरार हो गए।
छोटी दिवाली की रात हुई घटना का केस दर्ज कर भूपानी पुलिस लुटेरों की तलाश में जुटी है। एसजीएम नगर में रहने वाले मनोज चावला कबाड़ का काम करते हैं। एसजीएम नगर का ही राजू उनके साथ पिछले दस साल से काम कर रहा है।
मंगलवार को मनोज चावला और राजू बेचे गए कबाड़ का हिसाब किताब करने दिल्ली गए थे। पुलिस के मुताबिक कबाड़ कारोबारियों से लेनदेन का हिसाब करने के बाद मनोज मायापुरी में ही रुक गया।
उसने राजू को मंगोलपुरी के कबाड़ी जतिन से चार लाख रुपये और अशोक विहार में एक अन्य कारोबारी गुड्डू से दो लाख रुपये वसूल कर एसजीएम नगर दुकान पहुंचने को कहा। दोनों से छह लाख रुपये वसूल कर राजू लौट रहा था।
बदरपुर बॉर्डर पर शहर आने के लिए वह किसी ऑटो का इंतजार कर रहा था। बॉर्डर पर खड़ी सफेद रंग की वैन को फरीदाबाद की ओर आता देख उसने लिफ्ट ले ली। राजू के मुताबिक वैन में चालक के अलावा एक अन्य युवक बैठा था।
थोड़ी दूर चलने के बाद एक और युवक भी वैन में बैठ गया। चालक ने वैन बाईपास रोड पर मोड़ दी और अंदर बैठे दोनों लोगों ने उसकी पिटाई शुरू कर दी। एक युवक ने उसकी गर्दन दबोच ली।
दूसरे ने रुपयों से भरा बैग, मोबाइल आदि छीन लिया। दोनों ने राजू की आंख और मुंह पर टेप चिपका दिया और हाथ पीछे बांध दिए। इसके बाद उसे फज्जूपुर के पास झाड़ियों में फेंक कर भाग गए।
किसी तरह हाथ, आंख, मुंह खोल कर भटकता हुआ राजू फज्जूपुर के पास स्थित एक सोसायटी पहुंचा। यहां सिक्योरिटी गार्ड के फोन से उसने पुलिस और मनोज चावला को घटना की जानकारी दी। एसएचओ भूपानी ने बताया कि केस दर्ज कर वैन सवार लुटेरों की तलाश की जा रही है।